भीलवाड़ा में चोरों का दुस्साहस, साथी को छुड़ाने के लिए ASI पर गुलेल से हमला; वीडियो में देंखे कान का पर्दा फटा, फिर भी नहीं छोड़ा आरोपी
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में पुलिस और चोरों के बीच देर रात हुए घटनाक्रम ने सभी को हैरान कर दिया। कोटड़ी थाना क्षेत्र में चोरी के आरोपियों ने अपने एक साथी को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाने के लिए एएसआई पर गुलेल से हमला कर दिया। गुलेल से छोड़ा गया पत्थर एएसआई के कान पर लगा, जिससे उनका कान का पर्दा फट गया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि, लहूलुहान होने के बावजूद उन्होंने आरोपी को नहीं छोड़ा और बहादुरी का परिचय दिया।जानकारी के अनुसार, घटना रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे की है। पुलिस को क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध चोर को पकड़ लिया। इसी बीच उसके अन्य साथी वहां पहुंच गए और उसे छुड़ाने का प्रयास करने लगे।
जब पुलिसकर्मी आरोपी को लेकर आगे बढ़ रहे थे, तभी चोरों ने अचानक एएसआई पर गुलेल से हमला कर दिया। गुलेल से निकला पत्थर सीधे उनके कान पर लगा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के बाद उनके कान से खून बहने लगा, लेकिन उन्होंने आरोपी को पकड़ना नहीं छोड़ा।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एएसआई की दृढ़ता देखकर अन्य आरोपी घबरा गए और अपने साथी को छुड़ाने में असफल रहने के बाद मौके से फरार हो गए। घटना के बाद घायल एएसआई को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार किया। चिकित्सकों के मुताबिक, उनके कान पर 13 टांके लगाने पड़े हैं और कान का पर्दा भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
इस पूरी घटना का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में कुछ संदिग्धों को भागते हुए देखा जा सकता है। घटना के बाद पुलिस जवानों ने सरकारी वाहन से आरोपियों का पीछा किया, लेकिन तीन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे।पुलिस सूत्रों के अनुसार, एएसआई कैलाश चंद्र ने घायल होने के बावजूद एक आरोपी को मजबूती से पकड़कर रखा, जिससे वह भाग नहीं सका। उनकी इस बहादुरी की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।मौके से पुलिस ने दो मोटरसाइकिल, एक गुलेल, लोहे की सरिया और शटर तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। बरामद सामान से अंदेशा जताया जा रहा है कि आरोपी चोरी की वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और फरार तीन अन्य आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर किया है। घायल होने के बावजूद आरोपी को न छोड़ने वाले एएसआई कैलाश चंद्र की बहादुरी की स्थानीय लोग और पुलिस विभाग सराहना कर रहे हैं।