भरतपुर में खेत में महिला पर लेपर्ड का हमला, ग्रामीणों की सूझबूझ से बची जान
राजस्थान के भरतपुर जिले के रूपवास थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक और डराने वाली घटना सामने आई, जहां खेत में काम कर रही एक महिला पर लेपर्ड (तेंदुआ) ने जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे तेजनगर गांव निवासी चंद्रवती अपने खेत में गेहूं की कटाई कर रही थीं। उनके आसपास अन्य किसान भी अपने-अपने खेतों में काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान फसल और झाड़ियों के बीच छिपा बैठा एक लेपर्ड अचानक बाहर निकला और बिना किसी चेतावनी के महिला पर झपट पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेंदुए ने महिला की गर्दन को अपने जबड़ों में दबोच लिया और उसे घसीटने की कोशिश करने लगा। यह देखकर आसपास काम कर रहे किसानों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे तेंदुआ घबरा गया और महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों की इस सूझबूझ और साहस के चलते महिला की जान बच सकी।
घटना के तुरंत बाद ग्रामीण घायल चंद्रवती को रूपवास अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनके गले और हाथों का इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, महिला को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और इलाके का निरीक्षण किया। वन विभाग ने आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों से अपील की है कि वे खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतें।
महिला के बेटे वीरेंद्र ने बताया कि उनकी मां रोज की तरह सुबह खेत में गेहूं काटने गई थीं। लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि इतनी अचानक इस तरह की घटना हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों से सटे खेतों में इस तरह की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं, खासकर जब वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित होता है या उन्हें भोजन की तलाश में मानव बस्तियों की ओर आना पड़ता है। ऐसे में ग्रामीणों को सतर्क रहने और समूह में काम करने की सलाह दी जाती है।
फिलहाल, वन विभाग की टीम इलाके में तेंदुए की तलाश और निगरानी में जुटी हुई है, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी और घटना को रोका जा सके। इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव की ओर ध्यान आकर्षित किया है।