भरतपुर में राशन गेहूं में मिट्टी और गुटखे के रैपर मिलने से हंगामा, एक्सक्लूसिव वीडियो में देंखे बुजुर्ग कट्टा लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचा
सरकारी राशन की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भरतपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिले गेहूं में मिट्टी और गुटखे के खाली रैपर मिलने से नाराज एक बुजुर्ग ग्रामीण सीधे गेहूं का कट्टा उठाकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच गया। मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल दी और अधिकारियों को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, भौंट फतेहपुर निवासी दीवान सिंह सोमवार को फतेहपुर स्थित राशन डीलर के पास अनाज लेने पहुंचे थे। आरोप है कि डीलर द्वारा दिया गया गेहूं बेहद खराब गुणवत्ता का था। उसमें मिट्टी, कचरा और गुटखे के खाली रैपर तक मिले हुए थे। इतना ही नहीं, अनाज देने के बाद डीलर ने रजिस्टर में एंट्री भी कर दी।
दीवान सिंह ने बताया कि जब उन्होंने डीलर से खराब अनाज की शिकायत की तो उसे बदलने से साफ इनकार कर दिया गया। डीलर ने कथित तौर पर कहा कि “ऊपर से ऐसा ही अनाज आता है, आपको भी यही मिलेगा। लेना है तो लो, नहीं तो छोड़ दो।” इस जवाब से नाराज होकर बुजुर्ग सीधे गेहूं का कट्टा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए, ताकि अधिकारियों को हकीकत दिखा सकें।
हालांकि, उस समय कलेक्टर कमर चौधरी एक मीटिंग में व्यस्त थे, जिससे उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। बाद में रसद विभाग के अधिकारियों ने बुजुर्ग को बुलाकर उनकी शिकायत सुनी और गेहूं की जांच की। जांच में अनाज की गुणवत्ता खराब पाई गई।
अधिकारियों ने तुरंत राशन डीलर को फोन कर गेहूं बदलने के निर्देश दिए और मामले की जांच शुरू करने की बात कही। विभाग का कहना है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित डीलर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में वितरित किए जा रहे राशन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गरीब और जरूरतमंद परिवार सरकारी अनाज पर निर्भर हैं, ऐसे में खराब और मिलावटी राशन मिलना उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि राशन वितरण प्रणाली की नियमित जांच हो और लापरवाही बरतने वाले डीलरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल, विभाग मामले की जांच में जुटा है और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया है कि आगे से ऐसी शिकायतें नहीं आने दी जाएंगी।