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डीग में पुलिस टीम पर पथराव, वीडियो में जाने साइबर ठगों को छुड़ाने के प्रयास में घायल ASI और कॉन्स्टेबल

 

राजस्थान के डीग जिले में रविवार को पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हिंसक संघर्ष हुआ, जिसमें नगर थाने की पुलिस टीम पर पथराव किया गया। इस दौरान ASI के सिर में चोट लगी और एक कॉन्स्टेबल भी घायल हो गया। घटना गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के सेमला खुर्द गांव में हुई, जहां पुलिस साइबर ठगी के वांटेड आरोपियों को पकड़ने गई थी।

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नगर थाना अधिकारी लाखन सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि साइबर ठगी के आरोपी तस्लीम और साबिर गांव में मौजूद हैं। सूचना के आधार पर ASI और तीन कॉन्स्टेबल दो बाइक पर गांव में दबिश देने पहुंचे। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया और उन्हें बाइक पर बैठाने की कोशिश की।

इसी दौरान दोनों आरोपियों के परिजन और कुछ अन्य लोग मौके पर पहुंचे और अचानक पुलिस टीम पर पथराव और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमला इतना अचानक और तेज था कि पुलिस टीम संभल नहीं पाई। इस दौरान आरोपी परिजनों ने दोनों आरोपियों को पकड़ से छुड़ाकर अपने साथ ले गए।

घटना के बाद नगर थाना अधिकारी ने बताया कि घायल ASI और कॉन्स्टेबल का इलाज अस्पताल में किया गया। उन्होंने कहा कि इस घटना से स्पष्ट होता है कि अपराधियों के सहयोगी और परिजन पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने के लिए कितने संगठित हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में पुलिस को पहले से स्थानीय समुदाय के रुख और संभावित विरोध का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही, वांटेड अपराधियों की गिरफ्तारी के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा और बैकअप टीम की उपस्थिति सुनिश्चित करना जरूरी है।

पुलिस ने कहा कि घटना के बाद छानबीन शुरू कर दी गई है। आरोपी परिजनों और अन्य लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए हैं ताकि आरोपी फिर से छिप न सकें और पुलिस की कार्यवाही में बाधा न आए।

स्थानीय लोग इस घटना से चिंतित हैं। उनका कहना है कि पुलिस को सहयोग करना चाहिए और कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि साइबर ठगी जैसे अपराधों में केवल अपराधियों को ही नहीं, बल्कि उनके समर्थकों को भी नियंत्रण में रखना आवश्यक है।

डीग जिले में यह घटना प्रशासन और पुलिस के लिए चेतावनी साबित हो सकती है। अधिकारी अब पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और गिरफ्तारी की रणनीति को पुनः देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त टीमें और बैकअप तैनात किए जाएंगे।

इस तरह, डीग में हुई यह घटना न केवल साइबर ठगों की गिरफ्तारी में बाधा का उदाहरण है, बल्कि यह दर्शाती है कि पुलिस और समुदाय के बीच सामंजस्य और सुरक्षा उपाय कितने महत्वपूर्ण हैं। पुलिस टीम ने घायल कर्मचारियों की देखभाल की और आरोपियों की तलाश जारी रखी है।