भरतपुर में पशु मेला उद्घाटन के दौरान मंच पर भिड़े विधायक और पूर्व विधायक, वीडियो में देखें पुलिस को करना पड़ा बीच-बचाव
भरतपुर जिले में आयोजित बसंत पशु मेला प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह के दौरान उस वक्त हंगामा मच गया, जब मंच पर ही विधायक और पूर्व विधायक आपस में भिड़ गए। भाषण देने के क्रम को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते तीखे विवाद में बदल गई, जिससे कार्यक्रम का माहौल बिगड़ गया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मौके पर मौजूद पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा।
यह घटना रविवार दोपहर करीब एक बजे रूपवास क्षेत्र में आयोजित बसंत पशु मेला प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह के दौरान हुई। कार्यक्रम में बयाना से पूर्व बीजेपी विधायक बच्चू सिंह बंशीवाल, रूपवास की निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत और कांग्रेस के पूर्व विधायक अमर सिंह भी मौजूद थे। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पशुपालक इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन कर रहे आयोजकों ने पूर्व विधायक बच्चू सिंह बंशीवाल को पहले भाषण देने के लिए आमंत्रित किया। इस पर बंशीवाल ने मंच से ही भाषण देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले वर्तमान विधायक ऋतु बनावत को भाषण देना चाहिए और इसके बाद वह स्वयं अंत में संबोधन करेंगे।
इसी बात को लेकर मंच पर मौजूद विधायक ऋतु बनावत और पूर्व विधायक बच्चू सिंह बंशीवाल के बीच कहासुनी शुरू हो गई। दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी, जो धीरे-धीरे बढ़ती चली गई। मंच पर मौजूद अन्य नेता और आयोजक उन्हें शांत कराने की कोशिश करते रहे, लेकिन विवाद थमता नजर नहीं आया।
विवाद बढ़ता देख मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने दोनों नेताओं को समझाइश दी और स्थिति को नियंत्रित किया। कुछ देर के लिए कार्यक्रम में अव्यवस्था का माहौल बन गया और दर्शकों में भी अफरा-तफरी देखने को मिली।
हालांकि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। इसके बावजूद मंच पर हुए इस घटनाक्रम की चर्चा पूरे इलाके में होती रही। राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
गौरतलब है कि बसंत पशु मेला क्षेत्र का एक प्रमुख आयोजन माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में पशुपालक और ग्रामीण पहुंचते हैं। ऐसे आयोजन में जनप्रतिनिधियों के बीच इस तरह का विवाद आयोजकों और प्रशासन के लिए भी असहज स्थिति पैदा कर देता है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर नेताओं के बीच इस तरह का टकराव जनता के बीच गलत संदेश देता है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की बात कही है।