भरतपुर में पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने मोती महल पर फहराया रियासतकालीन झंडा, वीडियो में देखें 13 फ़रवरी को किया था झंडा फहराने का एलान
राजस्थान के भरतपुर में पूर्व राजपरिवार के सदस्य और पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने बुधवार (11 फरवरी) को मोती महल परिसर में रियासतकालीन झंडा फहराकर एक बार फिर सुर्खियां बटोरीं। खास बात यह रही कि उन्होंने यह कदम अपनी घोषित तारीख से दो दिन पहले ही उठा लिया।
दरअसल, विश्वेंद्र सिंह ने 29 जनवरी को अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए ऐलान किया था कि वे 13 फरवरी को महाराजा सूरजमल की जयंती के अवसर पर मोती महल पहुंचकर रियासतकालीन झंडा फहराएंगे। लेकिन बुधवार को ही उन्होंने महल में पहुंचकर झंडा फहरा दिया।
झंडा फहराने के बाद विश्वेंद्र सिंह ने इसका वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया। पोस्ट में उन्होंने लिखा,
“महाराजा सूरजमलजी अमर रहें। लोहागढ़ रियासत का रियासतकालीन झंडा दोबारा फहरा दिया गया है। पूरी सरदारी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।”
इस घटनाक्रम के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई। राजपरिवार और स्थानीय लोगों के बीच इसे ऐतिहासिक परंपरा से जोड़कर देखा जा रहा है। महाराजा सूरजमल को भरतपुर रियासत का गौरवशाली शासक माना जाता है और उनकी जयंती पर हर साल विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
हालांकि, घोषित तारीख से पहले झंडा फहराने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे परंपरा और विरासत के सम्मान का प्रतीक मान रहे हैं, तो कुछ इसे पूर्व घोषित कार्यक्रम से अलग कदम बता रहे हैं। मोती महल और लोहागढ़ किला भरतपुर की ऐतिहासिक धरोहर माने जाते हैं। ऐसे में यहां रियासतकालीन झंडा फहराना स्थानीय लोगों के लिए भावनात्मक महत्व रखता है।
फिलहाल, इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन विश्वेंद्र सिंह के इस कदम ने भरतपुर की राजनीति और सामाजिक चर्चाओं में एक नई हलचल जरूर पैदा कर दी है।