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Bhagalpur एसएईसी किट से डीएसपी करेंगे दुष्कर्म मामलों की जांच, भागलपुर रेंज के डीएसपी के प्रशिक्षण के लिए 16 जनवरी की तिथि निर्धारित
 

 

बिहार न्यूज़ डेस्क महिलाओं के विरुद्ध आपराधिक घटनाओं खासकर बलात्कार जैसी घटनाओं की जांच में एसएईसी (सेक्सुअल एसॉल्ट एविडेंस कलेक्शन) किट के इस्तेमाल को लेकर भागलपुर सहित सभी जिलों के सभी डीएसपी को प्रशिक्षित किया जाएगा. पुलिस मुख्यालय ने इसको लेकर सभी जिलों को लिखा है और प्रशिक्षण की तारीख भी तय कर दी है. इसके लिए जांच किट राज्य को उपलब्ध कराया गया है. मुख्यालय से एडीजी कमजोर वर्ग ने कहा है कि सभी जिलों के सभी एसडीपीओ और मुख्यालय डीएसपी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होंगे.
एसएईसी में सैंपल इकह्वा करने के लिए बॉक्स, प्लास्टिक बैग के साथ ही जांच के लिए माइक्रोस्कोप स्लाइड भी होगा. इस किट के इस्तेमाल से यौन शोषण के मामलो में समयबद्ध तरीके से जांच करने और सजा दिलाने में मदद मिलेगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि दुष्कर्म जैसे मामलों में तत्काल चिकित्सकीय जांच करने और सबूत एकत्रित करने में मदद के लिए यौन शोषण सबूत संकलन किट बनाया गया है. पॉक्सो के मामलों में भी जांच के दौरान इस किट का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है.

दिसंबर से 23 जनवरी तक डीएसपी ट्रेनिंग लेने जाएंगे
इन रेंज के सभी डीएसपी का इस दिन होगा प्रशिक्षण
विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम गठित कर क्षेत्रीय मुख्यालय में किट का प्रशिक्षण होगा. मगध रेंज के सभी डीएसपी के लिए 15 दिसंबर को प्रशिक्षण, शाहाबाद रेंज के अधिकारियों के लिए 19 दिसंबर, तिरहुत रेंज के डीएसपी के लिए 23 दिसंबर, कोसी रेंज के लिए 26 दिसंबर, बेगूसराय रेंज के लिए 29 दिसंबर, पूर्णिया रेंज के लिए 12 जनवरी, भागलपुर रेंज के डीएसपी के लिए 16 जनवरी और मुंगेर रेंज के के लिए 19 जनवरी और सेंट्रल रेंज के लिए 23 जनवरी की को प्रशिक्षण तय किया गया है.
लुईस आर विटुलो ने पहली बार जांच किट बनाया था
शिकागो के पुलिस विभाग में सार्जेंट सह माइक्रोएनालिस्ट लुईस आर विटुलो ने पहली बार 1970 के दशक में दुष्कर्म टेस्ट किट बनाया था. उस समय दुष्कर्म जैसे मामलों में पहली बार महिलाएं आगे आने लगी थी और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने लगी थी. ऐसे में सबसे बड़ी समस्या पीड़ित महिला की जांच को लेकर थी क्योंकि महिलाएं रिपोर्ट दर्ज कराने तो आ रही थीं पर जांच की बात सामने आते ही वे पीछे हट जाती थी. ऐसे में किट के जरिए जांच का ऐसा तरीका खोजा गया जिसमें महिलाओं को सामने आकर जांच कराने की जरूरत नहीं थी. किट में सैंपल इकह्वा कर जांच की जाने लगी. शुरूआत में इस किट को अन्य नामों से भी जाना जाता है, जिनमें सेक्सुअल ऑफेंस एविडेंस कलेक्शन, फिजिकल एविडेंस रिकवरी किट और सेक्सुअल एसॉल्ट किट शामिल हैं.

भागलपुर न्यूज़ डेस्क