राजस्थान में देश की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड रिफाइनरी तैयार, फुटेज में देंखे 4 जुलाई को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, 14 साल का लंबा सफर पूरा
राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके में देश की सबसे बड़ी और आधुनिक पेट्रोकेमिकल परियोजना अब पूरी तरह तैयार हो चुकी है। बालोतरा के पचपदरा में बनी यह महत्वाकांक्षी परियोजना HPPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) अब उद्घाटन के लिए तैयार है। आगामी 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मेगा प्रोजेक्ट का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।यह रिफाइनरी देश की पहली BS-6 मानक आधारित हाईटेक ग्रीनफील्ड रिफाइनरी मानी जा रही है, जिसकी क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) है। माना जा रहा है कि यह परियोजना न केवल राजस्थान की औद्योगिक तस्वीर बदलेगी, बल्कि पेट्रोकेमिकल उत्पादन के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
14 साल का लंबा और विवादों से भरा सफर
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सफर 2012 में शुरू हुआ था, लेकिन इसे पूरा होने में लगभग डेढ़ दशक लग गया। इस दौरान प्रोजेक्ट ने कई राजनीतिक और प्रशासनिक उतार-चढ़ाव देखे।रिफाइनरी परियोजना को लेकर दो बार शिलान्यास और दो बार उद्घाटन की तारीखों की घोषणा हो चुकी थी, लेकिन विभिन्न कारणों से काम आगे नहीं बढ़ पाया। जमीन आवंटन से जुड़े विवाद, राजनीतिक खींचतान और प्रशासनिक अड़चनों ने इस परियोजना को लंबे समय तक सुर्खियों में बनाए रखा।
सियासत और विवादों का केंद्र रहा प्रोजेक्ट
राजस्थान की सियासत में यह रिफाइनरी प्रोजेक्ट लगातार चर्चा का विषय रहा। जमीन के आवंटन और परियोजना के स्वरूप को लेकर कई बार राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। यहां तक कि यह मामला अपनों के बीच भी मतभेद और टकराव का कारण बना।इन तमाम विवादों के बावजूद यह परियोजना अब पूरी तरह तैयार होकर राज्य के औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिखने जा रही है।
राजस्थान की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बूस्ट
विशेषज्ञों का मानना है कि इस रिफाइनरी से राजस्थान में रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, पेट्रोकेमिकल और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। रेगिस्तान की धरती पर तैयार यह मेगा प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में न सिर्फ राजस्थान बल्कि पूरे देश के औद्योगिक नक्शे पर एक अहम पहचान बनाने की क्षमता रखता है।