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भारत-पाक सीमा पर नई रेल लाइनों का सर्वे जारी, वीडियो में जाने सीमा सुरक्षा और विकास को मिलेगी मजबूती

 

राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा के समानांतर नई रेल लाइनों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने अनूपगढ़, खाजूवाला, जैसलमेर और बाड़मेर-भीलड़ी जैसे क्षेत्रों में नई रेल लाइनों के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे का काम शुरू कर दिया है।

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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि इन प्रस्तावित रेल परियोजनाओं का उद्देश्य सीमा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करना और सुरक्षा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि इन लाइनों के निर्माण से सेना की आवाजाही आसान होगी और सीमावर्ती इलाकों में तेज और सुगम परिवहन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

प्रस्तावित रेल परियोजनाओं के तहत अनूपगढ़-खाजूवाला-जैसलमेर और जैसलमेर-बाड़मेर-भीलड़ी (वाया बाड़मेर) मार्गों पर नई रेल लाइनें विकसित की जाएंगी। ये सभी रेल लाइनें भारत-पाकिस्तान सीमा के समानांतर बनाई जाएंगी, जिससे रणनीतिक दृष्टि से भी इनका महत्व बढ़ जाता है।

सरकार का कहना है कि इस योजना को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल संबंधित मार्गों पर सर्वेक्षण और प्रारंभिक कार्य चल रहा है, जिसके बाद आगे की प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। फाइनल लोकेशन सर्वे के आधार पर ही इन परियोजनाओं की अंतिम रूपरेखा तय की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन रेल लाइनों के निर्माण से न केवल सुरक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों का आर्थिक और सामाजिक विकास भी तेज होगा। इन क्षेत्रों में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

स्थानीय लोगों का भी मानना है कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से उन्हें बड़े शहरों तक पहुंच आसान होगी, जिससे उनकी जीवनशैली में सुधार आएगा। साथ ही, आपातकालीन स्थिति में राहत और बचाव कार्य भी अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे।

सरकार का यह कदम सीमा क्षेत्र के विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के पूरा होने पर राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों की तस्वीर बदलने की उम्मीद जताई जा रही है।

फिलहाल, सभी की नजर इन रेल परियोजनाओं के सर्वे और आगे की मंजूरी प्रक्रियाओं पर टिकी हुई है, जिसके बाद निर्माण कार्य को गति मिलने की संभावना है।