शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी का सरकार और कांग्रेस पर तीखा हमला, फुटेज में देंखे गोभक्त विवाद को लेकर सवाल
राजस्थान के शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने राज्य सरकार और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राजनीति में दोनों दल केवल गोभक्त बनने का दावा कर रहे हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक लड़ाइयों का नतीजा राजस्थान की 8 करोड़ जनता की निराशा के रूप में सामने आया है।
भाटी ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार और पूर्ववर्ती सरकार दोनों को जनता ने सत्ता में लाया था। लेकिन उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने लाखों बीघा ओरण और गोचर जमीन, गोवंश के चारागाह को पूरी तरह मल्टीनेशनल कंपनियों के हाथों में दे दिया। भाटी ने सवाल उठाया, “अगर वे वास्तव में इतने बड़े गोभक्त थे, तो पूर्ववर्ती सरकार में लाखों बीघा जमीन का अलाटमेंट क्यों किया गया?”
भाटी ने कहा कि प्रदेश की जनता को विकास और सुरक्षा की जरूरत थी, लेकिन राजनीतिक दलों की आपसी लड़ाई और स्वार्थ के कारण जनता केवल निराशा का सामना कर रही है। उन्होंने चेताया कि ऐसे फैसलों से न केवल किसानों और पशुपालकों की जिंदगी प्रभावित हुई है, बल्कि प्रदेश में गोवंश और चारागाह के संरक्षण पर भी सवाल उठते हैं।
विधायक ने स्पष्ट किया कि भाजपा की सरकार ने हमेशा देशी गौवंश और किसानों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है, जबकि कांग्रेस और पूर्ववर्ती सरकारें केवल राजनीतिक दावों तक सीमित रही हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब केवल दिखावे वाले गोभक्तों के बहकावे में नहीं आएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाटी का यह बयान राजनीतिक मैदान में सियासी बढ़त बनाने और जनता को यह संदेश देने के लिए आया है कि भाजपा केवल जनता और गौसंरक्षण के पक्ष में खड़ी है। उनका यह हमला पूर्ववर्ती सरकार की भूमि और चारागाह नीति पर भी निशाना है।
भाटी ने आगे कहा कि ओरण और गोचर जमीन के गलत इस्तेमाल से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों और पशुपालकों को नुकसान हुआ। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यदि सही नीतियां लागू होतीं तो राजस्थान के गांवों में गौवंश और चारागाह की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि भाटी का यह बयान आगामी विधानसभा और राजनीतिक गतिविधियों के मद्देनजर महत्वपूर्ण है। यह न केवल जनता में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है, बल्कि गोचर भूमि और ओरण जमीन के संरक्षण को लेकर राजनीतिक दलों की नीतियों पर बहस को भी आगे बढ़ाता है।
कुल मिलाकर, शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी का यह बयान वर्तमान और पूर्ववर्ती सरकार पर गोभक्त का दावा और जमीन नीति को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल दिखावे से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीन और गोचर की सुरक्षा पर ठोस कदम उठाने होंगे।
राजनीतिक गलियारों में भाटी के बयान को लेकर चर्चा शुरू हो गई है और विपक्षी दलों से संभावित प्रतिक्रिया पर निगाहें टिकी हुई हैं।