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पीएसओ के निलंबन पर भड़के रविंद्र सिंह भाटी, वीडियो में बोले- यह एक कर्मचारी नहीं, पूरे सिस्टम की विफलता

 

राजस्थान के बाड़मेर में 19 मई को कलेक्ट्रेट परिसर में खुद पर पेट्रोल छिड़कने की घटना के बाद विधायक Ravindra Singh Bhati के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) नखत सिंह को निलंबित कर दिया गया है। घटना के करीब 10 दिन बाद हुई इस कार्रवाई पर रविंद्र सिंह भाटी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

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भाटी बोले- यह पीएसओ नहीं, पूरे सिस्टम का फेलियर

रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि इस मामले में केवल उनके पीएसओ को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, "यह मेरे पीएसओ का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम का फेलियर है।"भाटी का कहना है कि घटना के दिन कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमला मौजूद था। इसके बावजूद ऐसी घटना होना सुरक्षा और खुफिया तंत्र की बड़ी विफलता को दर्शाता है।

कई वरिष्ठ अधिकारी थे मौजूद

विधायक ने कहा कि 19 मई को कलेक्ट्रेट में जिला प्रशासन और पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि मौके पर पुलिस जाब्ता, जिला कलेक्टर कार्यालय के अधिकारी, पुलिस अधीक्षक (एसपी), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी), डीएसपी, मौका मजिस्ट्रेट और डीएसटी टीम तक मौजूद थी।इसके बावजूद घटना को रोकने में विफलता सामने आई, जिससे पूरे सुरक्षा तंत्र पर सवाल खड़े होते हैं।

"अधिकारियों ने अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश की"

भाटी ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों ने अपनी खामियों और खुफिया तंत्र की विफलता को छिपाने के लिए एक निर्दोष कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की है।उन्होंने कहा, "जिम्मेदार अधिकारियों ने अपने फेलियर और नाकामियों को दबाने के लिए एक निर्दोष कर्मचारी को निशाना बनाया है।"

"अगर लड़ाई लड़नी है तो मुझसे लड़ें"

रविंद्र सिंह भाटी ने अपने बयान में प्रशासन पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि यदि किसी को राजनीतिक या प्रशासनिक लड़ाई लड़नी है तो वह उनसे लड़े, न कि अधीनस्थ कर्मचारियों को निशाना बनाए।उन्होंने कहा, "अगर उन्हें लड़ाई लड़नी है तो मेरे से लड़नी चाहिए। मैं कबड्डी खेलने के लिए तैयार हूं। आज भी तैयार हूं और कल भी तैयार रहूंगा।"

मामले ने पकड़ा राजनीतिक तूल

पीएसओ के निलंबन के बाद यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। भाटी के बयान के बाद प्रशासनिक कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। फिलहाल प्रशासन की ओर से निलंबन को लेकर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।इस बीच, 19 मई की घटना और उससे जुड़े सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं, जिनका जवाब आने वाले दिनों में जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए सामने आ सकता है।