बालोतरा और बाड़मेर जिलों के पुनर्गठन में आंशिक संशोधन, सोशल मीडिया पर अधिसूचना वायरल
राज्य सरकार ने बालोतरा और बाड़मेर जिलों के प्रशासनिक पुनर्गठन में एक बार फिर आंशिक संशोधन किया है। 31 दिसंबर को जारी इस आदेश की अधिसूचना शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसमें दोनों जिलों की सीमाओं में बदलाव का विवरण स्पष्ट किया गया है। इस निर्णय के बाद कुछ क्षेत्रों में खुशी का माहौल है, तो वहीं कुछ स्थानों पर नाराजगी देखने को भी मिली।
सूत्रों के अनुसार, यह आंशिक संशोधन पिछले साल किए गए पुनर्गठन में छोटे-छोटे सुधारों और सुधारात्मक कदमों के रूप में किया गया है। बालोतरा और बाड़मेर जिलों के उपखंड और तहसीलें अब नए प्रशासनिक आदेशों के अनुसार व्यवस्थित होंगी। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने, विकास कार्यों को तेज करने और स्थानीय जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए उठाया गया है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया मिश्रित रही। कुछ लोगों का कहना है कि नए आदेश से उनके क्षेत्रों में प्रशासनिक सुविधाओं और सरकारी योजनाओं तक पहुंच बेहतर होगी। वहीं, कुछ लोग चिंतित हैं कि सीमाओं में बदलाव से उनकी जमीन, विकास योजनाएं और प्रशासनिक संबंध प्रभावित हो सकते हैं। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इस विषय पर अपनी राय साझा की और सरकार से स्पष्ट जानकारी देने की मांग की।
राज्य प्रशासन ने बताया कि इस संशोधन के बाद जिले और उपखंडों के अंतर्गत आने वाले गांवों और नगरों की सीमाओं को स्पष्ट किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि पुनर्गठन से संबंधित सभी दस्तावेज और विवरण जल्द ही सरकारी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि जनता भ्रमित न हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासनिक पुनर्गठन का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास और सरकारी योजनाओं को प्रभावी बनाना होता है। उन्होंने कहा कि यदि इसे सही ढंग से लागू किया जाए तो इससे विकास कार्यों की गति बढ़ सकती है और जिले की प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा।
सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस आंशिक संशोधन को लागू करते समय सभी कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जनता को सरकारी सेवाओं में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनैतिक प्रतिनिधियों ने भी कहा कि प्रशासनिक पुनर्गठन से पहले व्यापक जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को स्पष्ट जानकारी देने से विरोध और भ्रांति को रोका जा सकता है।
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली अधिसूचनाओं को आधिकारिक आदेशों के साथ मिलाकर ही देखें। उन्होंने कहा कि किसी भी बदलाव की जानकारी के लिए केवल सरकारी नोटिफिकेशन और जिला प्रशासन से ही पुष्टि की जाए।