×

बाड़मेर के गिरल गांव में खनन विवाद, वीडियो में देखें किसानों के साथ विधायक रविंद्र सिंह भाटी धरने पर बैठे

 

राजस्थान के बाड़मेर जिले के गिरल गांव में मंगलवार को कोयला खनन से जुड़े विवाद ने तूल पकड़ लिया, जब शिव विधानसभा क्षेत्र से विधायक रविंद्र सिंह भाटी किसानों के समर्थन में धरने पर बैठ गए। इस दौरान इलाके में तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/depxM-13ibU?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/depxM-13ibU/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

Ravindra Singh Bhati ने माइंस कंपनी के खिलाफ किसानों के साथ धरना देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा जनता के हितों के लिए संघर्ष किया है और जरूरत पड़ने पर किसी भी स्तर तक जाने के लिए तैयार हैं। उनके इस बयान ने मौके पर मौजूद लोगों में जोश भर दिया।

धरने के दौरान उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब वे बातचीत के लिए टेबल पर आएंगे तो “नीचे 440 वोल्ट का वायर होगा”, जिससे स्थिति गंभीर होने का संकेत दिया गया। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।

Giral Village में चल रहे इस विवाद का संबंध राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड की खनन गतिविधियों से है। आरोप है कि कंपनी ने थुंबली सहित आसपास के क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण कर कोयला खनन शुरू किया है।

Rajasthan State Mines and Minerals Limited पर स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि खनन प्रक्रिया के दौरान रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन अब कई स्थानीय युवाओं को नौकरी से निकाला जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है।

किसानों का कहना है कि खनन कार्य से उनकी जमीन और आजीविका दोनों प्रभावित हो रही हैं, जबकि रोजगार के वादे पूरे नहीं किए गए। इसी मुद्दे को लेकर वे लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान शामिल हुए, जिन्होंने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की। मौके पर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।

फिलहाल मामला प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा में है और आने वाले दिनों में इस विवाद के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।