बाड़मेर में बड़ा सियासी घटनाक्रम, विधायक ने कलेक्ट्रेट में पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश, मजदूरों की मांगों पर गतिरोध जारी
राजस्थान के बाड़मेर जिले में मंगलवार को एक बड़ा और तनावपूर्ण घटनाक्रम सामने आया, जब शिव विधानसभा क्षेत्र से विधायक ने कलेक्ट्रेट परिसर में कथित रूप से खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। इस घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया और मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला माइनिंग मजदूरों की मांगों और समस्याओं को लेकर चल रही बातचीत से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि करीब पांच घंटे तक प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच वार्ता चली, लेकिन मजदूरों की मांगों पर किसी प्रकार की सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए।
इसी बीच विधायक द्वारा उठाए गए इस कदम ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर हालात को संभाला।घटना के बाद बुधवार रात भी विधायक ने गिरल गांव में धरना स्थल पर ही रात गुजारी, जिससे यह मामला और अधिक राजनीतिक रूप से गर्मा गया है। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा कर दी हैं।
विपक्ष ने इस पूरे मामले को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक विधायक का इस तरह मजबूर होकर आत्मदाह का प्रयास करना लोकतंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है।गहलोत ने अपने बयान में यह भी कहा कि इस घटना से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम जनता और जनप्रतिनिधियों की स्थिति कितनी कठिन हो गई है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच और स्थिति को सामान्य बनाए रखने के प्रयास जारी हैं। वहीं, मजदूरों की मांगों और समाधान को लेकर आगे की वार्ता की संभावना भी जताई जा रही है। यह पूरा घटनाक्रम न केवल प्रशासनिक चुनौती बन गया है, बल्कि राजस्थान की राजनीति में भी एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है।