कमलेश प्रजापत एनकाउंटर केस: कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को किया खारिज, दो IPS अधिकारियों पर हत्या का संज्ञान
बाड़मेर के बहुचर्चित कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामले में जोधपुर स्थित एसीजेएम सीबीआई मामलों की विशेष अदालत ने अहम आदेश जारी करते हुए सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। अदालत ने इस मामले में पाली व बाड़मेर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षकों के खिलाफ हत्या समेत गंभीर धाराओं में प्रसंज्ञान लिया है। मामले में क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ पीड़िता जशोदा की ओर से अधिवक्ता अर्जुन सिंह ने विरोध याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने माना कि एनकाउंटर की परिस्थितियों में गंभीर सवाल हैं, जिन पर विस्तृत जांच जरूरी है।
इन अफसरों के खिलाफ आरोप दर्ज
अदालत ने पाली के तत्कालीन एसपी कालूराम रावत व बाड़मेर के एसपी आनंद शर्मा के खिलाफ हत्या समेत आपराधिक धाराओं में प्रसंज्ञान लिया है। इस फैसले को न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता व जवाबदेही की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इतना ही नहीं, अदालत ने मामले से जुड़े तत्कालीन राजस्व मंत्री हरीश चौधरी, उनके भाई मनीष चौधरी व जोधपुर रेंज के तत्कालीन आईजी एन. गोगई के खिलाफ भी जांच कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
सीबीआई को दो महीने का समय दिया गया
कोर्ट ने सीबीआई को हरीश चौधरी, मनीष चौधरी और आईजी एन गोगई की भूमिका की जांच कर दो महीने में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इससे साफ है कि कोर्ट इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कमलेश प्रजापत एनकाउंटर शुरू से ही विवादों में रहा है। परिवार इसे फर्जी बताते हुए जांच की मांग कर रहा है।