राजस्थान में गर्मी का रौद्र रूप, बाड़मेर 46.4 डिग्री पर तपता रहा; पश्चिमी विक्षोभ से राहत की उम्मीद
राजस्थान में भीषण गर्मी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है और प्रदेश के कई जिलों में लू का प्रकोप जारी है। Barmer 46.4 डिग्री तापमान के साथ सबसे गर्म दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया। हालांकि राहत की खबर यह है कि नए Western Disturbance के सक्रिय होने से जल्द आंधी और बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम के तीखे तेवरों के बीच बाड़मेर समेत कई इलाकों में गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आईं और लोग घरों में रहने को मजबूर दिखे। लगातार बढ़ते तापमान और लू ने आमजन के साथ पशु-पक्षियों की परेशानी भी बढ़ा दी है।
मौसम विभाग के अनुसार नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से आने वाले दिनों में मौसम करवट ले सकता है। आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है और भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई इलाकों में बादल छाने, धूलभरी आंधी और हल्की बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इससे हीटवेव की तीव्रता कुछ कम होने के संकेत हैं।
फिलहाल प्रदेश में गर्मी का असर चरम पर है। बाड़मेर का 46.4 डिग्री तापमान इस सीजन के सबसे तेज गर्म दिनों में शामिल माना जा रहा है। कई क्षेत्रों में दिन के साथ रात का तापमान भी लोगों को राहत नहीं दे रहा।
हालांकि मौसम में संभावित बदलाव ने लोगों को राहत की उम्मीद दी है। आंधी-बारिश का दौर शुरू होने पर पारे में गिरावट आ सकती है, जिससे लू से परेशान लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
मौसम जानकारों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्री-मानसून गतिविधियों जैसी स्थिति भी कुछ क्षेत्रों में बन सकती है। इसका असर क्षेत्रवार अलग-अलग रह सकता है।
गर्मी के इस दौर में स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। लू से बचाव, पर्याप्त पानी पीने और दोपहर में अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
फिलहाल राजस्थान में गर्मी का प्रकोप जारी है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ ने राहत की उम्मीद जगा दी है। यदि आंधी और बारिश का दौर सक्रिय हुआ तो तापमान में गिरावट के साथ लोगों को तपिश से राहत मिल सकती है।