बाड़मेर में नशा मुक्ति सेंटर की आड़ में नशीली दवाइयों का कारोबार, वीडियो में जाने गुजरात के डॉक्टर समेत 4 गिरफ्तार
बाड़मेर पुलिस ने नशा मुक्ति सेंटर की आड़ में नशीली दवाइयों का कथित अवैध कारोबार करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में गुजरात के एक डॉक्टर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने जैसलमेर और गुजरात के महेसाणा में नशा मुक्ति सेंटर खोल रखे थे और इन्हीं सेंटरों की आड़ में नशीली दवाइयों की सप्लाई और बिक्री की जा रही थी।
पुलिस ने यह कार्रवाई पहले दर्ज दो मामलों की जांच के दौरान मिली कड़ियों के आधार पर की। दोनों मामलों में बड़ी मात्रा में नशीली टेबलेट्स बरामद हुई थीं। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को इस नेटवर्क के तार नशा मुक्ति सेंटरों और दूसरे राज्यों से जुड़े होने की जानकारी मिली।
दो मामलों से खुली गिरोह की कड़ी
एसपी चूनाराम जाट के अनुसार बाड़मेर के दो अलग-अलग थानों में नशीली दवाइयों से संबंधित मामले दर्ज हुए थे। पुलिस ने इन मामलों की जांच के दौरान आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पड़ताल शुरू की।पहला मामला 3 जनवरी 2026 को रीको थाना क्षेत्र में सामने आया था। रीको थानाधिकारी ने दानजी की होदी स्थित एक कमरे पर दबिश दी थी। तलाशी के दौरान पुलिस को वहां से करीब 6 हजार नशीली टेबलेट्स मिली थीं। इस मामले में रीको थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
NH-68 पर फेंकी मिलीं 10,800 नशीली टेबलेट्स
इसी दिन बाड़मेर सदर थाना पुलिस को भी नशीली दवाइयों की खेप के बारे में सूचना मिली थी। सदर थाना इंचार्ज बगडूराम को सांसियों का तला क्षेत्र में एनएच-68 के पास नशीली टेबलेट्स फेंके जाने की जानकारी मिली।पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली तो वहां से करीब 10,800 नशीली टेबलेट्स बरामद हुईं। इस मामले में सदर थाने में भी केस दर्ज किया गया। पुलिस ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए दवाइयों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क की जांच शुरू की।
जैसलमेर और महेसाणा में खोले थे सेंटर
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी नशा मुक्ति सेंटर की आड़ में कथित तौर पर नशीली दवाइयों का कारोबार कर रहे थे। आरोपियों ने जैसलमेर और गुजरात के महेसाणा में नशा मुक्ति सेंटर खोल रखे थे।पुलिस के अनुसार इन सेंटरों का इस्तेमाल नशे की दवाइयों के अवैध कारोबार के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने जांच में सामने आई जानकारियों के आधार पर गिरोह से जुड़े लोगों की पहचान की और दबिश देकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गुजरात का डॉक्टर भी गिरफ्तार
पुलिस की कार्रवाई में गुजरात के एक डॉक्टर को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि नशीली दवाइयां कहां से खरीदी जाती थीं, किन इलाकों में सप्लाई की जाती थीं और इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े हुए हैं।जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि नशा मुक्ति सेंटरों के संचालन में किन लोगों की भूमिका थी और वहां आने वाले लोगों के नाम पर दवाइयों की खरीद या इस्तेमाल का कोई रिकॉर्ड तैयार किया जाता था या नहीं।बाड़मेर पुलिस का कहना है कि पहले दर्ज मामलों की जांच से मिली कड़ियों को जोड़ते हुए इस नेटवर्क तक पहुंच बनाई गई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।