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पचपदरा रिफाइनरी आगजनी मामले पर बयानबाजी तेज, वीडियो में देंखे कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने जांच पर उठाए सवाल

 

राजस्थान की बहुचर्चित और देश की आधुनिक हाईटेक रिफाइनरियों में शामिल बालोतरा की पचपदरा रिफाइनरी में हुई आगजनी की घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। घटना के बाद अब इस मामले की जांच और उसके कारणों को सार्वजनिक किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

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मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी और बायतु विधायक हरीश चौधरी ने इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि जब इस मामले की जांच देश की शीर्ष एजेंसी नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) कर रही है, तो ऐसे में राज्य सरकार द्वारा जांच पूरी होने से पहले ही आग लगने के कारणों को सार्वजनिक करना कई तरह के सवाल खड़े करता है।

हरीश चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि जब जांच एक केंद्रीय एजेंसी के पास है, तो राज्य सरकार आखिर किस आधार पर इस अग्निकांड के कारणों को सार्वजनिक कर रही है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की जल्दबाजी न केवल जांच की दिशा को प्रभावित कर सकती है, बल्कि इससे सच्चाई सामने आने में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। चौधरी ने यह भी कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में जिम्मेदारी से काम करना बेहद जरूरी है, ताकि जांच की निष्पक्षता बनी रहे।

अपने बयान में उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी संस्था या व्यक्ति के पास इस मामले से जुड़ा कोई ठोस साक्ष्य है, तो उसे सार्वजनिक मंचों पर साझा करने के बजाय सीधे जांच एजेंसी NIA को सौंपना ज्यादा उचित और जिम्मेदार कदम होगा। इससे जांच प्रक्रिया सही दिशा में आगे बढ़ेगी और वास्तविक तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।

गौरतलब है कि पचपदरा रिफाइनरी देश की प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं में से एक है, और यहां आगजनी की घटना के बाद सुरक्षा और संचालन को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

फिलहाल इस मामले में जांच एजेंसियां सक्रिय हैं, जबकि राजनीतिक स्तर पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आगजनी की असली वजह क्या निकलकर सामने आती है।