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बाड़मेर के काउखेड़ा गांव में किसान के खेत से उबला 'काला सोना', इलाके में मची हलचल

 

राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर से एक चौंकाने वाली और विस्मयकारी खबर सामने आई है। जिले के कवास क्षेत्र में स्थित काउखेड़ा गांव के एक किसान के खेत से अचानक ‘काला सोना’ यानी क्रूड ऑयल उबलने लगा। यह घटना आसपास के पूरे इलाके में चर्चा और हड़कंप का कारण बन गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, किसान अपने खेत में सामान्य खेती कर रहा था, तभी जमीन से कच्चा तेल उभरने लगा। देखते ही देखते लहलहाती फसल के बीच एक कच्चे तेल का तालाब बन गया। घटना स्थल पर पहुंचने वाले ग्रामीणों ने इस प्राकृतिक घटना को देखकर चौंक और उत्सुकता व्यक्त की।

विशेषज्ञों और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह घटना ऐश्वर्या ऑयल फील्ड के वेलपैड नंबर 8 के पास हुई है। तेल के उभरने के बाद इलाके में सुरक्षा और पर्यावरण के दृष्टिकोण से गंभीर चिंता पैदा हो गई है। किसान और ग्रामीण फिलहाल सुरक्षित दूरी बनाए हुए हैं, लेकिन तेल का उबलना जारी है, जिससे आसपास की फसलों और जमीन पर असर पड़ सकता है।

स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आपातकालीन सुरक्षा उपाय लागू किए। अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल तेल को नियंत्रित करने और पर्यावरणीय नुकसान को रोकने के लिए विशेषज्ञों की टीम बुला दी गई है। इस टीम में पेट्रोलियम इंजीनियर, पर्यावरण विशेषज्ञ और सुरक्षा अधिकारियों को शामिल किया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में कच्चा तेल उभरना एक दुर्लभ और अद्भुत घटना है। किसान का खेत अचानक तेल उत्पादन का केंद्र बन गया, जिससे इलाके में मीडिया और विशेषज्ञों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोग इसे ‘काला सोना’ कहकर उत्साह और हैरानी दोनों व्यक्त कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटना प्राकृतिक तेल भंडार और जमीन के भीतर दबे तेल के कारण होती है। कभी-कभी प्राकृतिक दबाव और भू-वैज्ञानिक कारणों से तेल सतह तक उभर आता है। हालांकि, इससे कृषि, जलस्रोत और पर्यावरण पर असर पड़ने की आशंका भी रहती है।

इस घटना ने बाड़मेर जिले और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बना दिया है। मीडिया और सोशल मीडिया पर इस ‘काला सोना’ के तालाब की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। लोग इस अद्भुत प्राकृतिक घटना को देख आश्चर्यचकित हैं और इसे एक ऐतिहासिक घटना मान रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन ने सभी ग्रामीणों से सतर्क रहने और तेल के संपर्क में न आने की सलाह दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि जल्द ही विशेषज्ञ टीम पूरी स्थिति का आकलन कर उपाय सुझाएगी।

इस घटना ने न केवल किसान और ग्रामीणों के लिए आश्चर्य पैदा किया है, बल्कि बाड़मेर जिले के तेल भंडार और भू-वैज्ञानिक संरचना पर भी ध्यान आकर्षित किया है। इसे प्राकृतिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है।