बाड़मेर में मजदूर आंदोलन के बीच बड़ा हंगामा: विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कलेक्ट्रेट में खुद पर पेट्रोल छिड़का, मचा हड़कंप
राजस्थान के सीमावर्ती जिले Barmer में मंगलवार को मजदूरों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान उस समय बड़ा नाटकीय घटनाक्रम सामने आया, जब शिव विधानसभा क्षेत्र के विधायक ने अचानक कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है। आंदोलनरत श्रमिक लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे थे। इसी बीच स्थिति को गंभीर होता देख स्थानीय विधायक Ravindra Singh Bhati कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां माहौल पहले से ही तनावपूर्ण बना हुआ था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कलेक्ट्रेट परिसर में अचानक विधायक द्वारा पेट्रोल छिड़कने की घटना से वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और मौके पर मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाया गया।
सूत्रों के अनुसार, विधायक का यह कदम आंदोलनरत मजदूरों की मांगों और प्रशासनिक रवैये के प्रति विरोध और आक्रोश को दर्शाने के रूप में सामने आया। हालांकि, इस घटना ने स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना दिया, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए।
घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में तनाव का माहौल बन गया और कुछ समय के लिए वहां की गतिविधियां प्रभावित रहीं। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया। वहीं, पुलिस ने पूरे परिसर को घेरकर हालात पर नियंत्रण स्थापित किया।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने तेजी से कदम उठाए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विधायक को सुरक्षित रूप से वहां से हटाया गया और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया गया।
गौरतलब है कि Rajasthan के कई जिलों में इन दिनों मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन और आंदोलन चल रहे हैं। बाड़मेर में भी यह आंदोलन लंबे समय से चर्चा में है, जहां श्रमिक बेहतर सुविधाओं, वेतन और कार्य स्थितियों की मांग कर रहे हैं।
इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने जहां सरकार पर सवाल उठाए हैं, वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के घटनाक्रम से क्षेत्र में तनाव बढ़ता है और विकास कार्यों पर भी असर पड़ता है। वहीं, कुछ लोग इसे मजदूरों की समस्याओं की गंभीरता और जनप्रतिनिधियों की चिंता से जोड़कर देख रहे हैं।
कुल मिलाकर, बाड़मेर कलेक्ट्रेट में हुआ यह घटनाक्रम मजदूर आंदोलन को एक नए मोड़ पर ले गया है। अब सभी की नजरें प्रशासन की आगे की कार्रवाई और इस विवाद के समाधान पर टिकी हुई हैं।