बाड़मेर में इंसानियत की मिसाल: ग्रामीणों ने मिलकर भरा बुजुर्ग किसान का लोन, वीडियो में देंखे भावुक हुए किसान
राजस्थान के बाड़मेर जिले में इंसानियत और सहयोग की एक भावुक तस्वीर सामने आई है। यहां 72 वर्षीय बुजुर्ग किसान का बैंक लोन ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने मिलकर चुकाया। लोक अदालत में हुए सेटलमेंट के बाद किसान का कर्ज कम रकम में बंद हो गया। राहत मिलने पर बुजुर्ग किसान की आंखों में आंसू आ गए।जानकारी के अनुसार, किसान पर करीब साढ़े तीन लाख रुपए का लोन बकाया था। आर्थिक तंगी और पारिवारिक परेशानियों के कारण वह कर्ज चुकाने में असमर्थ थे। शनिवार को बाड़मेर में आयोजित लोक अदालत में मामले की सुनवाई हुई, जहां समझौते के तहत लोन का निपटारा 1 लाख 20 हजार रुपए में कर दिया गया।
ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने मिलकर यह राशि जुटाई और किसान का कर्ज चुकाया। जैसे ही लोन सेटलमेंट की प्रक्रिया पूरी हुई, बुजुर्ग किसान भावुक हो गए। उन्होंने खुशी और राहत में जज का धन्यद करने के लिए उनके पैर पकड़ने की कोशिश की, लेकिन सेशन जज अजिताभ शर्मा ने तुरंत उनके हाथ थाम लिए और खुद हाथ जोड़कर सम्मान जताया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गया। वकील Purushottam Solanki ने बताया कि किसान की पारिवारिक स्थिति बेहद कठिन है। उनके एक बेटे की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि दूसरा बेटा गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। परिवार की आर्थिक हालत कमजोर होने के कारण किसान लगातार मानसिक तनाव में थे।
लोक अदालत में सेशन न्यायाधीश Ajitabh Sharma ने मामले को संवेदनशीलता से सुनते हुए समझौते के आदेश जारी किए। अदालत के इस फैसले और ग्रामीणों के सहयोग से किसान को बड़ी राहत मिली।इस घटना के बाद इलाके में ग्रामीण एकता और सामाजिक सहयोग की खूब सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि मुश्किल समय में गांव और समाज का साथ किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी ताकत बन जाता है।बाड़मेर की यह घटना सिर्फ एक लोन सेटलमेंट की कहानी नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सहयोग की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।