बांसवाड़ा प्रसूता मौत मामले में स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा बयान, वीडियो में बोले- दो महिलाओं की मौत प्रसव के दौरान हुई; जांच के लिए रिकॉर्ड जयपुर भेजे जाएंगे
राजस्थान के बांसवाड़ा जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान हुई महिलाओं की मौत के मामले में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने स्थिति स्पष्ट की है। जिला अस्पताल पहुंचे चिकित्सा मंत्री ने कहा कि चार महिलाओं की मौत के मामले में शुरुआती जानकारी के अनुसार दो महिलाओं की मौत प्रसव के दौरान हुई है, जबकि सभी मौतें प्रसव की जटिलताओं के कारण नहीं हुईं।
मंत्री ने बताया कि एक महिला करीब दो महीने की गर्भवती थी और उसने डॉक्टर की सलाह के बिना गर्भपात की गोलियां ले ली थीं। अस्पताल पहुंचने तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में मरीज की स्थिति पहले से खराब होने के कारण इलाज में कई चुनौतियां सामने आती हैं।
हाई बीपी और लिवर की बीमारी बनी मौत की वजह
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि दो महिलाओं की मौत उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) और लिवर से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हुई। वहीं अन्य दो मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही काफी गंभीर हालत में थीं।उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान एनीमिया और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं महिलाओं के लिए गंभीर खतरा बन रही हैं। समय पर जांच और इलाज नहीं मिलने पर ऐसी स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है।हालांकि, अस्पताल की रिपोर्ट में दो महिलाओं की मौत का कारण हार्ट और किडनी खराब होना भी बताया गया है। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
सभी मेडिकल रिकॉर्ड जयपुर भेजे जाएंगे
गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि वह स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर खुद मामले की जानकारी लेने बांसवाड़ा पहुंचे हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की समीक्षा की है।मंत्री ने बताया कि सभी मृत प्रसूताओं के अस्पताल में भर्ती होने से लेकर उनकी मौत तक के पूरे रिकॉर्ड मंगवाए गए हैं। इन दस्तावेजों को जयपुर ले जाकर विशेषज्ञों की टीम द्वारा गहन जांच और सत्यापन कराया जाएगा।उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि प्रत्येक महिला की मौत का वास्तविक कारण क्या था और इलाज के दौरान किसी स्तर पर कोई लापरवाही हुई या नहीं।
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
बांसवाड़ा जिला अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।विभाग यह भी जांच कर रहा है कि महिलाओं को अस्पताल में किस स्थिति में लाया गया था, उन्हें समय पर उपचार मिला या नहीं और इलाज के दौरान क्या-क्या कदम उठाए गए।मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक कारणों तक पहुंचना है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।