×

अलवर के सरिस्का में लेपर्ड की फंदा में फंसने से मौत, वीडियो में देखें वन विभाग पर सूचना देर से देने का आरोप

 

राजस्थान के सरिस्का क्षेत्र में एक दुर्लभ लेपर्ड की मौत की खबर ने वन और पर्यावरण प्रेमियों में चिंता पैदा कर दी है। जानकारी के अनुसार, यह घटना प्रतापगढ़ के गुवाड़ा गांव में 26 जनवरी शाम को हुई थी, लेकिन अधिकारियों ने इसे 28 जनवरी को सार्वजनिक किया। इस मामले में वन विभाग पर सूचना छिपाने का आरोप भी लग रहा है।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/EvDpRemZno8?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/EvDpRemZno8/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

वन विभाग के अनुसार, लेपर्ड झिरी ग्राम पंचायत के गुवाड़ा गांव में एक खेत में लगाए गए फंदे में फंस गया। बताया जा रहा है कि यह फंदा खेत के मालिक ने जानवरों को खेतों से दूर रखने के लिए लगाया था। दुर्भाग्यवश, इस फंदे में लेपर्ड फंस गया और इसके कारण उसकी मौत हो गई।

बॉडी रिकवर करने वाली टीम के सदस्य डॉ. मनोज मीणा ने घटना का विवरण देते हुए कहा कि फंदे में फंसने के बाद लेपर्ड पेड़ पर चढ़ गया। इसी दौरान फंदा पेड़ की डाल पर अटक गया और लेपर्ड लगभग तीन से चार घंटे तक लटका रहा। फंदा पेट पर कसने के कारण उसकी सांसे बंद हो गईं और उसके दम घुटने से उसकी मौत हो गई।

वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि लेपर्ड की मौत अचानक और दुर्भाग्यपूर्ण थी। हालांकि इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा और निगरानी के लिए उठाए जाने वाले कदमों में क्या कमी थी। इस मामले में स्थानीय लोगों और वन संरक्षण समर्थकों ने वन विभाग पर देरी से जानकारी देने का आरोप लगाया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरिस्का क्षेत्र में लेपर्ड और अन्य वन्य जीवों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसी भी प्रकार के जाल या फंदे का उपयोग पर्यावरण और वन्य जीवन के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने खेत मालिकों से अपील की है कि जानवरों को रोकने के लिए जाल का उपयोग करने से पहले वन अधिकारियों की अनुमति लें।

सरिस्का टाइगर रिजर्व और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में वन्य जीवों पर मानव गतिविधियों का प्रभाव बढ़ा है। सड़क निर्माण, कृषि और अवैध शिकार जैसी गतिविधियों के कारण वन्य जीवन के लिए खतरा लगातार बढ़ रहा है। वन विभाग ने कहा कि वह इस घटना की पूरी जांच करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाएगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लेपर्ड क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण प्रजाति है और इसकी मृत्यु से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हो सकता है। वन विभाग ने इस मामले में अवैध फंदा लगाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना भी जताई है।

इस घटना ने यह संदेश दिया है कि वन्य जीवों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए स्थानीय समुदाय, वन विभाग और सरकार के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। विशेषज्ञों का कहना है कि लेपर्ड जैसे शिकारियों की मौत से पूरे क्षेत्र में जंगली जीवन संतुलन प्रभावित हो सकता है।

सरिस्का क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने के लिए वन विभाग ने स्थानीय निवासियों को शिक्षा और प्रशिक्षण देने की दिशा में कदम उठाए हैं। आगामी समय में विभाग निगरानी बढ़ाने और फंदों की जांच नियमित रूप से करने की योजना बना रहा है।