अलवर जिला परिषद कार्यालय में हिंसक झड़प, वीडियो में देखें वेतन फाइल विवाद में अधिकारी पर लात-घूसों से हमला
राजस्थान के अलवर जिले में मंगलवार को जिला परिषद कार्यालय उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब अधिकारी और कर्मचारियों के बीच आपसी विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। वेतन से जुड़ी एक फाइल को लेकर हुए विवाद में एक एलडीसी कर्मचारी और उसके बेटे ने अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी पर हमला कर दिया। इस हमले में अधिकारी के सिर और मुंह पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल घायल अधिकारी का इलाज जारी है।
घायल अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी जितेंद्र कुमार सैनी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि तिजारा पंचायत समिति में कार्यरत एलडीसी नाहर सिंह अपने बेटे के साथ एक वेतन संबंधी फाइल को लेकर जिला परिषद कार्यालय आया था। संबंधित कर्मचारी की वेतन फाइल पिछले कुछ दिनों से जिला परिषद में लंबित थी। नाहर सिंह ने जब फाइल की नकल मांगी तो अधिकारी ने नियमों का हवाला देते हुए नकल देने से इनकार कर दिया और आरटीआई के माध्यम से जानकारी लेने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने उच्च अधिकारियों से संपर्क करने की भी बात कही।
इसी बात से नाराज होकर एलडीसी नाहर सिंह और उसका बेटा आक्रोशित हो गए। आरोप है कि दोनों ने अचानक कार्यालय का गेट बंद कर दिया और अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी पर लात-घूसों से हमला कर दिया। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों के अनुसार, हमला इतना अचानक था कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। हमले के दौरान आरोपी के बेटे ने अपनी जेब से नुकीली लोहे की वस्तु निकालकर भी अधिकारी पर वार किया।
घटना में अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी जितेंद्र कुमार सैनी के सिर और मुंह पर गंभीर चोटें आई हैं। खून बहता देख कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। अन्य कर्मचारियों ने किसी तरह बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला और घायल अधिकारी को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। जिला परिषद परिसर में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी तरह की दोबारा अप्रिय स्थिति न बने। पुलिस ने घायल अधिकारी के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी पिता-पुत्र की तलाश की जा रही है।
इस घटना के बाद जिला परिषद के कर्मचारियों और अधिकारियों में भारी रोष है। कर्मचारियों ने कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी कार्यालय में इस तरह की हिंसा न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करती है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।