भिवाड़ी नगर परिषद में हंगामा, सफाई निरीक्षक से हाथापाई; कॉलर पकड़कर मारा थप्पड़, घटना का वीडियो वायरल
राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी नगर परिषद कार्यालय में शुक्रवार को उस समय हंगामा मच गया, जब सफाई निरीक्षक के साथ कथित तौर पर हाथापाई की गई। विवाद के दौरान एक युवक ने निरीक्षक को थप्पड़ मारने, कॉलर पकड़ने और धक्का-मुक्की करने का आरोप है। पूरी घटना का वीडियो सामने आया है, जिसकी जांच पुलिस और प्रशासन कर रहे हैं।
खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी नगर परिषद कार्यालय में शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे सफाई व्यवस्था को लेकर विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना में नगर परिषद के सफाई निरीक्षक दिनेश मीणा के साथ कथित तौर पर मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार, ऑटो टिपर चालक लंबे समय से एक्सचेंज डंपिंग यार्ड में कचरा डालने को लेकर विरोध जता रहे थे। चालकों का आरोप है कि डंपिंग यार्ड के आसपास के ग्रामीण उन्हें वहां कचरा डालने से रोकते हैं। इसके बावजूद नगर परिषद के अधिकारी उन्हें उसी स्थान पर कचरा डालने के लिए भेज रहे हैं। इतना ही नहीं, विरोध करने पर काम से निकालने की धमकी भी दी जा रही है।
इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में ऑटो टिपर चालक शुक्रवार को नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान सफाई निरीक्षक दिनेश मीणा ने कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया। आरोप है कि गेट बंद किए जाने से नाराज कुछ लोगों ने गेट खुलवाने की मांग की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि कथित तौर पर एक युवक ने सफाई निरीक्षक दिनेश मीणा के साथ हाथापाई कर दी। सामने आए वीडियो में एक युवक निरीक्षक के सिर पर थप्पड़ मारता दिखाई दे रहा है। इसके बाद वह उनकी कॉलर पकड़कर धक्का-मुक्की करता है और गर्दन पकड़ने की भी कोशिश करता है। मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई।
घटना के बाद नगर परिषद परिसर में कुछ देर तक तनाव का माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। वायरल वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है तो उसके आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
वहीं, ऑटो टिपर चालकों का कहना है कि उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि डंपिंग यार्ड में सुरक्षा और उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें रोजाना स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ता है।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि डंपिंग यार्ड से जुड़े विवाद और नगर परिषद कार्यालय में हुई हाथापाई, दोनों पहलुओं की अलग-अलग जांच की जाएगी। जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।