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सरिस्का में दिखे दो दुर्लभ मेहमान: पहली बार नजर आया सफेद मोर और 'गोल्डन सांभर', वीडियो में जाने पर्यटकों के आकर्षण का बने केंद्र

 

राजस्थान के अलवर स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व में इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों के लिए बेहद खास नजारा देखने को मिल रहा है। बाघों के लिए प्रसिद्ध सरिस्का के इतिहास में पहली बार दो दुर्लभ वन्यजीव—सफेद मोर और गोल्डन सांभर—देखे गए हैं। इनकी मौजूदगी ने वन विभाग और वाइल्डलाइफ विशेषज्ञों के साथ-साथ पर्यटकों में भी उत्साह बढ़ा दिया है।

पहली बार दिखा दुर्लभ सफेद मोर

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वन विभाग के अनुसार, सरिस्का के बफर जोन के बाला किला और गंगोडी क्षेत्र के आसपास जून के पहले सप्ताह में दूधिया सफेद रंग का एक दुर्लभ मोर देखा गया। बताया जा रहा है कि यह पहली बार है जब राजस्थान के किसी भी वन क्षेत्र में इस तरह का सफेद मोर दर्ज किया गया है।सबसे पहले जंगल में गश्त कर रहे वनकर्मियों ने इस दुर्लभ पक्षी को देखा था, लेकिन उस समय उसकी तस्वीर नहीं ली जा सकी। बाद में ओडिशा के एक वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर ने इसकी शानदार तस्वीरें अपने कैमरे में कैद कीं, जिसके बाद यह चर्चा का विषय बन गया।अब सरिस्का आने वाले पर्यटक बफर जोन में बाघिन ST-19 और अन्य 12 बाघों के साथ इस दुर्लभ सफेद मोर के भी दर्शन कर सकेंगे।

'गोल्डन सांभर' भी बना आकर्षण

सरिस्का में देखा गया दूसरा अनोखा वन्यजीव 'गोल्डन सांभर' है। वाइल्डलाइफ विशेषज्ञों के अनुसार, इस सांभर के शरीर का रंग सामान्य सांभर से अलग दिखाई देता है। जब इस पर धूप पड़ती है तो इसका शरीर सोने जैसी चमक बिखेरता है, जिसके कारण इसे 'गोल्डन सांभर' कहा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे दुर्लभ रंग-रूप वाले वन्यजीव प्रकृति में बहुत कम देखने को मिलते हैं और इनका संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

सरिस्का टाइगर रिजर्व पहले ही बाघों की वजह से देशभर के पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। अब सफेद मोर और गोल्डन सांभर जैसे दुर्लभ जीवों की मौजूदगी से यहां वन्यजीव पर्यटन को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वन विभाग भी इन दुर्लभ जीवों की निगरानी कर रहा है ताकि उनके प्राकृतिक आवास और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।