अलवर में पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क का खुलासा, वीडियो में देंखे सेना की गोपनीय जानकारी भेजने के आरोप में युवक गिरफ्तार
राजस्थान के अलवर जिले से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियों ने अलवर के ईटाराणा कैंट क्षेत्र से पाकिस्तान के लिए कथित तौर पर जासूसी करने के आरोप में एक युवक को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी भारतीय सेना की गतिविधियों और संवेदनशील सैन्य ठिकानों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां पाकिस्तान तक पहुंचाने का काम कर रहा था। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और मामले की गहन जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार पकड़े गए युवक की पहचान कुंदन विश्नोई के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जोधपुर का निवासी बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों का दावा है कि कुंदन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से जुड़े ऑपरेटिव के लिए एक सक्रिय एजेंट के रूप में काम कर रहा था। वह भारतीय सेना की छावनियों, सैन्य गतिविधियों और अन्य संवेदनशील इलाकों से जुड़ी सूचनाएं एकत्र कर पाकिस्तान भेजता था।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी को इस काम के बदले पाकिस्तान की ओर से आर्थिक मदद मिलती थी। एजेंसियों के अनुसार उसे नियमित रूप से फंडिंग की जाती थी, जिसका इस्तेमाल वह अपने नेटवर्क को मजबूत करने और अधिक से अधिक जानकारी जुटाने के लिए करता था। बताया जा रहा है कि इसी धनराशि के जरिए वह सेना की छावनी के आसपास रहने वाले स्कूल और कॉलेज के छात्रों से संपर्क बढ़ाता था और उनसे दोस्ती कर महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल करने की कोशिश करता था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम का भी व्यापक रूप से इस्तेमाल करता था। वह विशेष रूप से स्कूल और कॉलेज की छात्राओं से दोस्ती करता था और उनके माध्यम से स्थानीय गतिविधियों तथा संवेदनशील क्षेत्रों से जुड़ी जानकारियां जुटाने का प्रयास करता था। अधिकारियों का मानना है कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को अपने जाल में फंसाना उसकी रणनीति का हिस्सा था।
सूत्रों के अनुसार, कुंदन विश्नोई ने हाल के महीनों में कई महत्वपूर्ण सूचनाएं पाकिस्तान तक पहुंचाई थीं। जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी उसने कुछ गोपनीय जानकारियां पाकिस्तान भेजी थीं। हालांकि एजेंसियां अभी इस बात की पुष्टि करने में जुटी हैं कि उसने कौन-कौन सी जानकारियां साझा कीं और उनका राष्ट्रीय सुरक्षा पर कितना प्रभाव पड़ सकता था।
आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर उसकी फोरेंसिक जांच की गई है। मोबाइल से मिले डेटा, चैट रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं तथा आरोपी कितने समय से इस गतिविधि में संलिप्त था।फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही हैं। माना जा रहा है कि पूछताछ में और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया के दुरुपयोग और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ते साइबर खतरों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियां मामले के हर पहलू की जांच कर रही हैं ताकि किसी बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।