मिडिल ईस्ट तनाव का असर राजस्थान तक, कॉमर्शियल गैस सप्लाई रुकी, वीडियो में देंखे होटल-रेस्टोरेंट और उद्योग प्रभावित
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत के राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। राजस्थान में तेल कंपनियों द्वारा कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रोक दिए जाने से होटल-रेस्टोरेंट, फैक्ट्रियों और छोटे उद्योगों का काम प्रभावित होने लगा है। कई शहरों में गैस एजेंसियों पर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं और व्यवसायियों में चिंता का माहौल है।
राजधानी जयपुर के गोविंदगढ़ इलाके में स्थित क्रॉकरी बनाने वाली बोरोसिल कंपनी में एलपीजी की सप्लाई ठप होने से उत्पादन पूरी तरह रुक गया है। गैस उपलब्ध नहीं होने के कारण कंपनी प्रबंधन ने करीब 3 हजार महिला मजदूरों को बुधवार से काम पर नहीं आने के लिए कह दिया है। अचानक काम बंद होने से इन मजदूरों के सामने रोजगार और आय का संकट खड़ा हो गया है।
वहीं अलवर जिले में भी स्थिति चिंताजनक हो गई है। यहां प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कनेक्शन के नाम पर गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की खबरें सामने आ रही हैं। गैस एजेंसियों के अनुसार सिलेंडर बुकिंग में अचानक चार गुना तक बढ़ोतरी हो गई है, जिससे सप्लाई और मांग के बीच असंतुलन पैदा हो गया है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि कॉमर्शियल गैस की सप्लाई रुकने के बाद कई लोग घरेलू सिलेंडरों की ओर रुख कर रहे हैं।
अजमेर में भी होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। कॉमर्शियल गैस की सप्लाई बंद होने के कारण यहां एक हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। कारोबारियों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस की नियमित सप्लाई शुरू नहीं हुई तो उन्हें मजबूरन अपना व्यवसाय अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है।
जयपुर के होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि कॉमर्शियल गैस की कमी के कारण होटल और रेस्टोरेंट बंद होने लगे तो इसका असर पर्यटन पर भी पड़ेगा। जयपुर एक प्रमुख पर्यटन शहर है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। यदि खान-पान से जुड़े व्यवसाय प्रभावित होते हैं तो पर्यटकों की संख्या भी कम हो सकती है, जिससे पर्यटन उद्योग और उससे जुड़े अन्य कारोबारों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
व्यापारियों का कहना है कि कॉमर्शियल गैस उनके व्यवसाय के लिए बेहद जरूरी है। गैस की सप्लाई रुकने से न केवल उत्पादन और सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, बल्कि हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और तेल कंपनियों से जल्द से जल्द गैस सप्लाई सामान्य करने की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव की स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर और अधिक दबाव पड़ सकता है। इसका असर उद्योगों, व्यापार और आम लोगों की जीवनशैली पर भी देखने को मिल सकता है।
फिलहाल राजस्थान के कई शहरों में व्यवसायी और उपभोक्ता गैस सप्लाई सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। सरकार और तेल कंपनियों के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे राज्य के उद्योग, होटल व्यवसाय और हजारों लोगों के रोजगार जुड़े हुए हैं।