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अलवर में कथा के दौरान इंद्रेश उपाध्याय की नसीहत, वीडियो में देखें बोले- “ताली से पहले बात को समझो”

 

राजस्थान के अलवर में आयोजित एक धार्मिक कथा के दौरान कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने श्रद्धालुओं को अनोखे अंदाज में महत्वपूर्ण संदेश दिया। कथा के बीच जब भक्त बार-बार ताली बजाने लगे, तो उन्होंने उन्हें समझाते हुए कहा कि ताली बजाने से पहले बात को समझना जरूरी है।

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दरअसल, इंद्रेश उपाध्याय सहजो बाई की कथा सुना रहे थे। इसी दौरान कुछ श्रद्धालु हर बात पर उत्साह में ताली बजाने लगे। इस पर उन्होंने बीच में ही रोककर कहा, “ताली मत बजाओ, पहले बात समझो।” उनके इस बयान के बाद कुछ देर के लिए सभा में शांति छा गई।

उन्होंने अपनी बात को समझाने के लिए एक उदाहरण भी दिया। उपाध्याय ने कहा कि जब स्कूल में शिक्षक कोई सवाल पूछता है, तो कई बच्चे तुरंत हाथ उठा देते हैं। ऐसे में शिक्षक अक्सर उनसे सवाल नहीं पूछता, बल्कि किसी दूसरे छात्र से पूछता है, क्योंकि उसे लगता है कि जिसे जवाब पता होगा, वह पहले ही हाथ उठा चुका है।

उन्होंने आगे बताया कि कई बार बच्चे बिना समझे ही हर सवाल पर हाथ उठाने की आदत बना लेते हैं। लेकिन जब कभी शिक्षक उनसे वास्तव में सवाल पूछता है, तो वे जवाब नहीं दे पाते, क्योंकि उन्होंने विषय को समझने की बजाय केवल प्रतिक्रिया देने की आदत बना ली होती है।

इसी उदाहरण के जरिए उन्होंने श्रद्धालुओं को समझाया कि केवल ताली बजाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कथा के संदेश को समझना अधिक जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब बात दिल और दिमाग में उतर जाए, तभी उसकी सराहना करनी चाहिए।

उनकी इस बात को सुनकर वहां मौजूद श्रद्धालु भी सहमत नजर आए और इसके बाद कथा में अधिक ध्यान से सुनने लगे। यह संदेश न केवल धार्मिक कार्यक्रमों के लिए, बल्कि दैनिक जीवन में भी लागू होता है, जहां बिना समझे प्रतिक्रिया देने की बजाय सोच-समझकर प्रतिक्रिया देना अधिक महत्वपूर्ण होता है।