'लाठी-डंडों के सहारे सुरक्षा कैसे होगी?' सरिस्का के वनकर्मियों की मांग- हमें भी हथियार दो
सरिस्का टाइगर रिजर्व के फॉरेस्ट वर्कर्स ने अपनी सिक्योरिटी के लिए हथियारों की मांग की है। उन्होंने इस मांग को लेकर आने वाले दिनों में प्रोटेस्ट करने की धमकी दी है। उनका कहना है कि माइनिंग माफिया और शिकारियों के पास हथियार हैं, जबकि उनके पास लाठी-डंडे हैं। हाल ही में धौलपुर में हुई घटना के बाद से वर्कर्स बहुत डरे हुए हैं। इस बारे में फॉरेस्ट वर्कर्स यूनियन ने सरकार के सामने 15 पॉइंट की मांग रखी है। यूनियन का कहना है कि सिक्योरिटी के अलावा दोषियों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज करके कार्रवाई की जाए। अगर सरकार बातचीत नहीं करती है तो फॉरेस्ट वर्कर्स जंगल छोड़कर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
मृत फॉरेस्ट वर्कर को शहीद का दर्जा देने की मांग
राजस्थान सबऑर्डिनेट फॉरेस्ट वर्कर्स यूनियन के जनरल सेक्रेटरी रामवीर गुर्जर ने कहा कि 8 जनवरी को सरमथुरा (धौलपुर) में बजरी माफिया ने फॉरेस्ट गार्ड जितेंद्र सिंह शेखावत की हत्या कर दी थी। यह ऐसा पहला मामला नहीं है, इलाके में माफिया का आतंक अक्सर देखने को मिलता है। उन्होंने मांग की कि संसाधन और हथियार दिए जाएं, मृतक को शहीद का दर्जा दिया जाए और पीड़ित परिवार को सही मदद दी जाए। राजस्थान सबऑर्डिनेट फॉरेस्ट एम्प्लॉइज यूनियन के मेंबर।
राजस्थान सबऑर्डिनेट फॉरेस्ट एम्प्लॉइज यूनियन के मेंबर।
अब तक ये मामले सामने आए हैं:
जनवरी 2017: फॉरेस्ट गार्ड केवल कुमार और होमगार्ड ओम प्रकाश शिकारियों की गोली से घायल हो गए।
2021: तालवृक्ष रेंज के देवरा में गांववालों ने चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट अरविंद तोमर पर हमला किया।
टहला बलदेवगढ़ 2023: होमगार्ड की मौत।
8 मई, 2025: फॉरेस्टर रामवीर गुर्जर, होमगार्ड अशोक और स्टाफ मेंबर दिलखुश भी अतिक्रमण हटाने की कोशिश में घायल हो गए।