अलवर में एंबुलेंस ड्राइवरों पर जानलेवा हमला, शराब की बोतल फोड़कर गले पर किए ताबड़तोड़ वार
राजस्थान के अलवर शहर में बुधवार सुबह ज्योतिबा फुले सर्किल पर दो एंबुलेंस ड्राइवरों पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। आरोप है कि रोहित नाम के युवक ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर दोनों ड्राइवरों से मारपीट की। इस दौरान शराब की बोतल फोड़कर कांच से उनके गले पर वार किए गए। हमले में दोनों ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गए। एक घायल की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।वारदात के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने घायलों को संभाला और तत्काल अलवर जिला अस्पताल पहुंचाया। दोनों का ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है।
सर्किल पर बैठे थे दोनों ड्राइवर
घायल उमाशंकर उर्फ पवन के मुताबिक, वह अपने साथी करण के साथ बुधवार सुबह ज्योतिबा फुले सर्किल पर बैठा हुआ था। इसी दौरान रोहित नाम का युवक अपने कुछ दोस्तों के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि आते ही उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और दोनों ड्राइवरों के साथ मारपीट करने लगा।उमाशंकर के अनुसार, विवाद अचानक बढ़ गया। इससे पहले कि दोनों कुछ समझ पाते, आरोपी ने शराब की बोतल फोड़ दी और उसके गले पर कांच से वार कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे करण पर भी हमला किया गया। उसके गले पर भी कांच से वार किए गए, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुरानी रंजिश और कहासुनी की बात
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमले के पीछे पुरानी रंजिश और मामूली कहासुनी की बात सामने आई है। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की पूरी जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।हमले के बाद दोनों ड्राइवर सड़क पर लहूलुहान हालत में गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने मदद की और उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। गंभीर चोटों के कारण दोनों को जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
एक घायल की हालत नाजुक
अस्पताल में दोनों घायलों का उपचार जारी है। जानकारी के मुताबिक, उमाशंकर उर्फ पवन और करण को गले पर गंभीर चोटें आई हैं। इनमें से एक ड्राइवर की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।
पुलिस जांच से सामने आएगी पूरी तस्वीर
दिनदहाड़े हुए इस हमले से इलाके में हड़कंप मच गया। मामले में आरोपी रोहित और उसके साथ मौजूद लोगों की भूमिका, हमले की वजह और घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी अहम होगी। पुलिस की कार्रवाई और आधिकारिक बयान सामने आने के बाद गिरफ्तारी तथा मामले की अन्य परिस्थितियों की पुष्टि हो सकेगी।