×

Aligarh  रायपुर, रहनकलां के ग्रामीणों को जमीन के बदले मिलेगा अच्छा मुआवजा

 

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क   रायपुर रहनकलां के किसानों को वर्तमान सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा वितरण के संबंध में शासनादेश आ गया है.इस आदेश के मिलने के बाद आगरा विकास प्राधिकरण में हलचल शुरू हो गई है.मुआवजा वितरण के लिए प्राधिकरण को करीब 600 करोड़ रुपये का लोन लेना पड़ेगा.एडीए के अधिकारियों ने ऋण लेने के लिए बैंकों को संपर्क साधना शुरू कर दिया है।

22  को प्रयागराज महाकुंभ में योगी सरकार की कैबिनेट की बैठक हुई थी.रायपुर रहनकलां के किसानों को जमीन के बदले के वर्तमान सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा देने का फैसला लिया गया था.विकास प्राधिकरण के अधिकारी शासन के लिखित आदेश की प्रतीक्षा कर रहे थे.अब शासनादेश भी मिल गया है.अधिकारी हरकत में आ आ गए हैं।

विकास प्राधिकरण की माली हालत खस्ता है.किसानों को करीब 477 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है.इन हालात में प्राधिकरण को ऋण लेना होगा.पहले किसानों को मुआवजा बंटेगा, उसके बाद जमीन पर कब्जा लिया जाएगा.किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे और अन्य खर्चों को देखते हुए प्राधिकरण को करीब 600 करोड़ रुपये की आवश्यकता है.इतनी बड़ी धनराशि के जुटाने के लिए अब बैंकों से संपर्क किया जा रहा है.ऋण लेने की प्रक्रिया और मुआवजा वितरण में कम से दो से तीन माह का समय लग जाएगा।

टाउनशिप के लिए 500 करोड़ का लोन

विकास प्राधिकरण की वित्तीय हालात इनर रिंग रोड के निर्माण में लिए गए लोन से खराब हुई है.खजाना खाली है और हर वर्ष ब्याज का भुगतान करना होता है.इसलिए किसी भी बड़ी योजना पर काम करने से पहले प्राधिकरण को ऋण लेना पड़ रहा है.ग्वालियर रोड पर बन रही टाउनशिप (ककुआ, भांडई) के लिए भी प्राधिकरण ने बैंक आफ महाराष्ट्र से करीब 500 करोड़ रुपये का लोन लिया है.अब मुआवजा वितरण के लिए लोन की जरूरत पड़ रही है.लोन लेने के लिए बैंक गारंटी के रूप में संपत्ति गिरवी रखनी होगी.इसलिए प्राधिकरण के अधिकारी अब ऐसी संपत्तियों की तलाश में जुटे हैं जिन्हें गिरवी रखकर लोन लिया जा सके।

रायपुर रहनकलां के किसानों को मुआवजा वितरण के शासन से आदेश प्राप्त हो गया है.शासन ने स्वत मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं.इसके लिए विकास प्राधिकरण को अब ऋण लेना पड़ेगा.ऋण लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.जल्द से जल्द मुआवजा वितरण शुरू कराया जाएगा.एम अरुन्मोली, उपाध्यक्ष आगरा विकास प्राधिकरण

2009 में हुआ था जमीन का अधिग्रहण

एडीए ने इनर रिंग रोड व लैंड पार्सल के लिए वर्ष 2009-10 में रायपुर, रहनकलां व आसपास के गांवों में भूमि अधिगृहीत की थी.बिना मुआवजा दिए वर्ष 2014 में राजस्व अभिलेखों से किसानों के नाम हटाकर भूमि एडीए के नाम चढ़ा दी गई थी.इससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई थीं.न तो उन्हें किसी सरकारी योजना का लाभ मिल रहा था और न ही जमीन पर उनका मालिकान हक बचा था.वर्ष 2017 से किसानों ने आंदोलन शुरू किया था.अभी हाल में 29 , 2024 से इनर रिंग रोड की एक लेन बंद कर किसानों ने धरना दिया था.आठ  को एडीए की 146वीं बोर्ड बैठक में अधिगृहीत 442 हेक्टेयर भूमि के सर्किल रेट व वर्तमान सर्किल रेट के अंतर के रूप में करीब 204 करोड़ रुपये अनुग्रह राशि के रूप में किसानों को देने का प्रस्ताव पास कर शासन को भेज दिया था.मुआवजा व अनुग्रह धनराशि के रूप में किसानों को करीब 477 करोड़ रुपये वितरित किए जाएंगे।

 

 

अलीगढ़ न्यूज़ डेस्क