वीडियो! जगन गुर्जर हत्याकांड पर हाईकोर्ट सख्त, अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल की रिपोर्ट तलब, CCTV और सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने घटना से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए राज्य सरकार और जेल प्रशासन से पूछा है कि वारदात के दौरान जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों में क्या रिकॉर्ड हुआ, क्या रिकॉर्ड नहीं हुआ और इस घटना के बाद किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई या नहीं। यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा और न्यायमूर्ति मनीष शर्मा की खंडपीठ ने जेलों में व्यवस्थाओं के सुधार से जुड़े स्वप्रेरित संज्ञान (सुओ मोटू) मामले की सुनवाई के दौरान दिए।
कोर्ट ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने सरकार और जेल प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करें। अदालत ने विशेष रूप से यह जानकारी मांगी है कि:
- घटना के समय सीसीटीवी कैमरों में क्या रिकॉर्ड हुआ।
- यदि रिकॉर्डिंग नहीं हुई तो इसके पीछे क्या कारण थे।
- जेल में कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग की क्या व्यवस्था थी।
- घटना के बाद किसी अधिकारी या कर्मचारी की जवाबदेही तय की गई या नहीं।
हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा पर अदालत ने जताई चिंता
सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने प्रदेश की जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा, "प्रदेश की जेलों में आखिर यह क्या हो रहा है? हाई सिक्योरिटी जेल में कैमरे रिकॉर्डिंग नहीं कर रहे हैं और उनकी लाइव मॉनिटरिंग की भी कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है।"
कोर्ट ने संकेत दिया कि इस तरह की सुरक्षा चूक बेहद गंभीर है और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
जेलों में मोबाइल पहुंचने पर भी सवाल
हाईकोर्ट ने राज्य की जेलों में मोबाइल फोन पहुंचने की घटनाओं पर भी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि प्रदेश की जेलों में कैदियों तक आसानी से मोबाइल फोन पहुंच रहे हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
खंडपीठ ने यह भी उल्लेख किया कि जेल से प्रदेश के मुख्यमंत्री तक को धमकी दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
सुधारात्मक कदमों पर मांगा जवाब
अदालत ने सरकार और जेल प्रशासन से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अब तक क्या सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं और भविष्य में जेल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए क्या योजना है।
सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ा दबाव
जगन गुर्जर हत्याकांड के बाद राजस्थान की जेल सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद अब सरकार और जेल प्रशासन पर सुरक्षा व्यवस्था में सुधार तथा जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ गया है। मामले की अगली सुनवाई में अदालत के समक्ष विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाएगी।