Ajmer के सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने पहलगाम में आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की, कही ये बात
अजमेर स्थित विश्व प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के प्रमुख एवं दरगाह प्रमुख के उत्तराधिकारी सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने पहलगाम में हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले से मुझे गहरा सदमा और दुख पहुंचा है। इसमें निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। यह जघन्य कृत्य न केवल मानवता पर एक काला धब्बा है, बल्कि इस्लाम के उन सिद्धांतों का भी स्पष्ट उल्लंघन है जो शांति, करुणा और जीवन की पवित्रता के पक्षधर हैं।
नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि भारत को उसी ताकत और दृढ़ संकल्प के साथ जवाब देना चाहिए, जिस तरह से उसने पुलवामा हमले के बाद जवाब दिया था। ताकि हम यह सुनिश्चित कर सकें कि ऐसी कायराना हरकतें दोबारा न हों। मैं आतंकवाद के इस भयावह एवं अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा करता हूँ। अब निर्णायक कार्रवाई करने का समय आ गया है।
मैं सरकार से आतंकवाद को खत्म करने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने का आग्रह करता हूं। दुःख की इस घड़ी में, हम पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं तथा एक शांतिपूर्ण एवं आतंकवाद मुक्त राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।