नीट रिज़ल्ट में आये कम नंबर, अजमेर में छात्रा ने फांसी का फंदा लगाकर की आत्महत्या
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अजमेर के अलवर गेट थाना इलाके की रहने वाली 21 साल की निकिता की मौत NEET एग्जाम में उम्मीद से कम नंबर आने पर हो गई। निकिता मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कर रही थी और अपने रिजल्ट से निराश थी। सोमवार सुबह उसने अपने कमरे में पंखे से लटककर सुसाइड कर लिया। उसके छोटे भाई ने सबसे पहले उसे लटका हुआ देखा और उसके परिवार को बताया। परिवार वाले उसे तुरंत जवाहरलाल नेहरू हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जांच जारी, पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है
अलवर गेट पुलिस मौके पर पहुंची और जरूरी कानूनी कार्रवाई की। पोस्टमॉर्टम के बाद बॉडी परिवार को सौंप दी गई। शुरुआती जांच में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रहे हैं और एग्जाम रिजल्ट से जुड़े स्ट्रेस समेत सभी संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं। घटना के बाद परिवार सदमे में है और इलाके में मातम का माहौल है।
अपील: फेल होना अंत नहीं, यह एक नई शुरुआत का मौका है।
कॉम्पिटिटिव एग्जाम का प्रेशर युवाओं पर बहुत गहरा असर डालता है, लेकिन एक भी एग्जाम में फेल होना ज़िंदगी का अंत नहीं है। माता-पिता और टीचर की ज़िम्मेदारी है कि वे बच्चों की हिम्मत बढ़ाएं और उन्हें सिखाएं कि फेलियर भी सफलता की सीढ़ी हो सकता है। अगर कोई स्टूडेंट स्ट्रेस में है या डिप्रेस्ड है, तो उसे परिवार, दोस्तों या एक्सपर्ट्स से खुलकर बात करनी चाहिए। याद रखें - इस साल नहीं तो अगले साल, कड़ी मेहनत और सब्र से गोल ज़रूर हासिल किए जा सकते हैं। ज़िंदगी कीमती है, किसी भी एग्जाम के रिज़ल्ट के आधार पर इसे कम मत समझो।