305 निकायों में मेयर-सभापति के नामांकन पूरे, वीडियो में जाने बीकानेर में कांग्रेस की बगावत से बदला मुकाबला
राजस्थान में शहरों की सरकार के मुखिया चुनने की प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंच गई है। प्रदेश के 305 नगरीय निकायों में मेयर, सभापति और पालिकाध्यक्ष पद के लिए बुधवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई। नामांकन खत्म होने के साथ ही कई शहरों में मुकाबले की तस्वीर सामने आ गई है। कई निकायों में भाजपा और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी आमने-सामने हैं, जबकि कुछ जगह बागी और निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनावी गणित को दिलचस्प बना दिया है।
बीकानेर में कांग्रेस के दो चेहरे मैदान में
बीकानेर नगर निगम में मेयर पद को लेकर कांग्रेस के अंदर ही मुकाबला खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने पूर्व मंत्री बीडी कल्ला के भतीजे अनिल कल्ला को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। अनिल कल्ला ने बुधवार को नामांकन दाखिल किया। इसी दौरान कांग्रेस के विजयी पार्षद नवरतन डागा ने भी मेयर पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भर दिया।नवरतन डागा के मैदान में उतरने के बाद बीकानेर में कांग्रेस के सामने अंदरूनी चुनौती खड़ी हो गई है। रिपोर्टों के मुताबिक डागा ने पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है। भाजपा की ओर से भी मेयर पद के लिए सुरेंद्र सिंह शेखावत ने नामांकन किया है। ऐसे में बीकानेर में तीन प्रमुख दावेदारों के कारण मुकाबला चर्चा में है।
कई शहरों में निर्दलीय महत्वपूर्ण
राजस्थान के कई नगर निगमों में किसी एक दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं होने के कारण निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। अजमेर और पाली जैसे शहरों में भाजपा और कांग्रेस दोनों की ओर से निर्दलीय पार्षदों से संपर्क साधने की कोशिशों की खबरें सामने आई हैं। इससे मेयर चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
भीलवाड़ा में भाजपा और निर्दलीय के बीच मुकाबला
भीलवाड़ा नगर निगम में मेयर पद के लिए भाजपा की जसवंत कंवर और निर्दलीय संतोष कंवर मैदान में हैं। कांग्रेस की ओर से कोई उम्मीदवार नामांकन दाखिल नहीं कर सका। इसलिए यहां मुकाबला भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच रह गया है।
अलवर में भी दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी
अलवर नगर निगम में भाजपा ने सुमनलता अग्रवाल और कांग्रेस ने कमलेश शर्मा को मेयर पद का प्रत्याशी बनाया है। दोनों ने बुधवार को नामांकन दाखिल किया। वहीं अलग-अलग निकायों में बागी और निर्दलीय उम्मीदवारों के मैदान में आने से अंतिम परिणाम के लिए पार्षदों के समर्थन का गणित महत्वपूर्ण हो गया है।
नामांकन के बाद अब जांच और नाम वापसी
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद मेयर, सभापति और पालिकाध्यक्ष पदों के लिए अंतिम मुकाबले की तस्वीर साफ होगी। मतदान 21 सितंबर को प्रस्तावित है, जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव 22 सितंबर को होगा।इस पूरी प्रक्रिया के बीच बीकानेर, अजमेर, पाली और अन्य निकायों में निर्दलीय और बागी पार्षदों की भूमिका पर नजर बनी हुई है। नाम वापसी के बाद यह स्पष्ट होगा कि कितने प्रत्याशी अंतिम मैदान में रहते हैं और अलग-अलग निकायों में बोर्ड गठन का गणित किस तरह आकार लेता है।