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अजमेर उत्तर में विशेष मतदाता पुनरीक्षण के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा, कांग्रेस ने उठाए लोकतंत्र पर सवाल

 

राजस्थान के अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि केवल तीन दिनों के भीतर 7,000 से अधिक मतदाताओं के नाम काटने की आपत्तियां दर्ज कराई गईं, जो पूरी तरह संदिग्ध हैं।

कांग्रेस का कहना है कि यह कार्य फर्जी तरीके से किया गया और इसके पीछे सुनियोजित साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के प्रयास लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों पर सीधा हमला हैं। कांग्रेस ने रिटर्निंग अधिकारी और निर्वाचन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।

पार्टी के नेताओं ने बताया कि मतदाता सूची से नाम काटने के लिए दर्ज आपत्तियों में कई ऐसे नाम और विवरण शामिल हैं जो वास्तविक मतदाता या निवासियों से मेल नहीं खाते। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से इस संदिग्ध प्रक्रिया की तत्काल जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस के प्रदेश नेताओं का कहना है कि इस तरह के फर्जीवाड़े से न केवल मतदाता सूची की विश्वसनीयता प्रभावित होती है, बल्कि यह मतदाता अधिकारों का हनन भी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले की गंभीरता से जांच नहीं की गई तो आगामी चुनावों में मतदाता विश्वास खो सकता है।

निर्वाचन आयोग ने फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी और अपडेटेड करना है, लेकिन इस तरह के फर्जीवाड़े से आयोग की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो जाते हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राजस्थान के चुनावी माहौल में ऐसे मामले सियासी तनाव बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में फर्जी कटौती से न केवल किसी एक क्षेत्र के मतदाताओं की भागीदारी प्रभावित हो सकती है, बल्कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भी असर डालती है।

स्थानीय स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस मामले को लेकर जागरूकता अभियान शुरू किया है और लोगों को अपनी मतदाता जानकारी जांचने के लिए प्रोत्साहित किया है। वहीं निर्वाचन विभाग को इस मामले में सभी दस्तावेज और आपत्तियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि सख्त ऑडिट और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर ही इस तरह के फर्जीवाड़ों को रोका जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची में किसी भी बदलाव के लिए सम्पूर्ण रिकॉर्ड और डिजिटल प्रमाण रखना आवश्यक है।

इस प्रकार, अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में SIR के दौरान सामने आया यह फर्जीवाड़ा मतदाता अधिकारों, लोकतंत्र और निर्वाचन प्रक्रिया की सुरक्षा को लेकर गंभीर संकेत है। कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों के बाद अब यह मामला राजनीतिक और कानूनी ध्यान का केंद्र बन गया है।