अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर हत्याकांड, वीडियो में जाने अलग सेल में था आरोपी, फिर कैसे पहुंचा अंदर? जांच में उठे कई बड़े सवाल
राजस्थान के अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में जांच के दौरान कई नए सवाल सामने आए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अलग सेल में बंद आरोपी विष्णु जाट आखिर जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा और हत्या की वारदात को कैसे अंजाम दिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जगन गुर्जर को जेल की सेल नंबर-5 आवंटित थी, जबकि हत्या के आरोपी विष्णु जाट को दूसरी सेल में रखा गया था। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सुरक्षा व्यवस्था के बीच विष्णु जगन की सेल तक कैसे पहुंचा।
इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस ने बुधवार को घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद जेल स्टाफ और प्रहरियों के बयान दर्ज किए। साथ ही जेल के सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने दोनों कैदियों का आपराधिक और जेल रिकॉर्ड भी खंगाला है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जेल की दैनिक व्यवस्था के अनुसार सूर्योदय से सुबह 11 बजे तक कैदियों को सेल से बाहर रहने की अनुमति होती है। इसके बाद सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक वे अपनी-अपनी सेल में रहते हैं। हालांकि इसी अवधि में जेल के नियमों के तहत कैदी आपसी सहमति होने पर एक-दूसरे की सेल में जाकर समय बिता सकते हैं।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या घटना वाले दिन जगन गुर्जर और विष्णु जाट के बीच ऐसी कोई सहमति थी, जिसके आधार पर आरोपी उसकी सेल तक पहुंचा, या फिर सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक हुई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल विष्णु जाट को इस मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया है। चूंकि वह पहले से ही जेल में बंद है, इसलिए उसे प्रोडक्शन वारंट के माध्यम से इस हत्या के मामले में गिरफ्तार किया जाएगा और पूछताछ की जाएगी।
जांच एजेंसियां अब सीसीटीवी फुटेज, जेल स्टाफ के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हत्या पूर्व नियोजित थी या जेल की सुरक्षा व्यवस्था में हुई लापरवाही का नतीजा। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।