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पुष्कर में इजरायली पर्यटक युद्ध की चिंता से व्याकुल, वीडियो में देखें फोन पर परिवार से लेते लगातार खबर

 

राजस्थान के प्रसिद्ध तीर्थ और पर्यटक स्थल पुष्कर में पश्चिम एशिया में फैल रहे युद्ध का असर अब यहां आए इजरायली पर्यटकों पर साफ देखने को मिल रहा है। इज़राइल और ईरान के बीच जारी तनाव और संघर्ष को लेकर आए पर्यटक अपने परिवारों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता में हैं।

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बीते कुछ दिनों से इज़राइल-ईरान संघर्ष की खबरें विश्व स्तर पर तैर रही हैं, जिसमें अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की है और ईरान ने इसका पलटवार किया है। इससे क्षेत्रीय स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।

पुष्कर की रेत और पवित्र सरोवरों में कई विदेशी सैलानी होली-पूरीम देखने तथा धार्मिक यात्रा के लिए आए हैं। इनमें बड़ी संख्या में इजरायली नागरिक भी शामिल हैं। हालात की गंभीरता के बीच इजरायली पर्यटक अपने मोबाइल फोन पर लगातार घर से संपर्क रखे हुए हैं और अपने परिवार की सलामती की जानकारी ले रहे हैं।

कई पर्यटक फोन पर अपनी बात साझा करते दिख रहे हैं। उन्होंने बताया कि युद्ध की खबरें नियमित रूप से सुनने को मिल रही हैं, इसलिए वे हर थोड़ी देर में अपने परिजनों से बात कर रहे हैं कि वे सुरक्षित हैं या नहीं। यह उनके लिए मानसिक रूप से कठिन समय है, क्योंकि वे अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, हालांकि वे खुद पुष्कर में सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

कुछ पर्यटकों ने अपने देश के हालात के बारे में भी राय दी है। उन्होंने कहा कि इज़राइल एक छोटा देश हो सकता है, लेकिन उसकी सैन्य और रणनीतिक क्षमता मजबूत है और वे उम्मीद करते हैं कि युद्ध जल्द समाप्त होगा। उन्होंने बयान में कहा कि वे शांति चाहते हैं और अपने देश की सुरक्षा सुनिश्चित होने की कामना करते हैं।

पर्यटकों द्वारा दी गई प्रतिक्रिया में यह भी देखा गया कि वे भारत में अपने अनुभव को सकारात्मक बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में उन्हें सुरक्षित माहौल और स्वागत योग्य व्यवहार मिला है, जिससे वे तनिक राहत अनुभव कर पा रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर वैश्विक स्तर पर सामाजिक, आर्थिक और यात्रा गतिविधियों पर भी अधिक दिखाई दे रहा है। मध्य पूर्व के एयरस्पेस बंद होने और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों और पर्यटकों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र और पड़ोसी देशों में कई लोग फंस गए हैं और उनके घर पर परिजन चिंतित हैं।

पुष्कर के स्थानीय पर्यटन और सेवा प्रदाता भी भविष्य के दौरे को लेकर सतर्क हैं। उन्होंने कहा कि अगर युद्ध और तनाव बढ़ता है तो आने वाले दिनों में पर्यटन गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल पर्यटक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं, पर कई की निगाहें अपने परिवार की सलामती और आगे की योजना पर बनी हुई हैं।

इस तरह, युद्ध की निरंतर खबरों ने न केवल वैश्विक राजनीति को प्रभावित किया है, बल्कि राजस्थान जैसे शांतिपूर्ण पर्यटन स्थलों में आए विदेशी नागरिकों के मनोभाव और चिंताओं को भी गहराई से प्रभावित किया है।