अजमेर के मैंगो मसाला रेस्टोरेंट में करोड़ों की आय छिपाने का हाई-टेक तरीका, IT विभाग ने खोला राज
राजस्थान के रेस्टोरेंट कारोबार में टैक्स चोरी का एक ऐसा हाई-टेक तरीका सामने आया है, जिसने आयकर विभाग (IT) के होश उड़ा दिए हैं। अजमेर के मशहूर मैंगो मसाला रेस्टोरेंट पर चल रही आयकर विभाग की सर्वे कार्रवाई के दूसरे दिन यह खुलासा हुआ कि करोड़ों का टर्नओवर छिपाने के लिए क्लाउड-आधारित पेटपूजा (Petpooja) सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा था।
सर्वे की शुरुआती जांच में ही पता चला कि करीब 15 करोड़ रुपये की आय छिपाई गई थी, जिससे IT विभाग की टीम ने रेस्टोरेंट के लेखा-जोखा और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला डिजिटल माध्यम से टैक्स चोरी का एक नया उदाहरण है, जिसे पकड़ना चुनौतीपूर्ण था।
आयकर अधिकारियों ने बताया कि पेटपूजा जैसे क्लाउड-आधारित बिलिंग और POS सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल आमतौर पर लेन-देन को ट्रैक करने के लिए किया जाता है, लेकिन कुछ कारोबारी इसे आय छुपाने और टैक्स बचाने के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
इस मामले में आयकर विभाग की टीम रेस्टोरेंट के सॉफ्टवेयर लॉग, बैंक ट्रांजेक्शन और इनवॉइस रिकॉर्ड की जांच कर रही है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो इसके तहत कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल तकनीक का गलत इस्तेमाल अब टैक्स चोरी में नई राह खोल रहा है, लेकिन ऐसे मामलों में नियमों की सख्ती और डिजिटल ऑडिट की मदद से बड़े वित्तीय घोटालों को रोका जा सकता है।