अजमेर में दर्दनाक हादसा: चलती कार बनी आग का गोला, दो पूर्व सरपंच समेत चार लोगों की जिंदा जलकर मौत
राजस्थान के अजमेर जिले में गुरुवार सुबह एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। श्रीरामपुरा गांव के पास चलती कार में अचानक आग लगने से दो पूर्व सरपंच समेत चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस भयावह हादसे में जिला परिषद सदस्य पूसी देवी भी गंभीर रूप से झुलस गई थीं, जिन्होंने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
जानकारी के मुताबिक, सभी लोग एक कार में सवार होकर किसी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान श्रीरामपुरा गांव के पास अचानक कार से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते वाहन आग की लपटों में घिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि कार में बैठे लोगों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिल सका।
हादसे के समय सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत आग बुझाने और यात्रियों को बचाने की कोशिश की, लेकिन आग की भयावहता के आगे सभी प्रयास नाकाम साबित हुए। कुछ ही मिनटों में पूरी कार जलकर खाक हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे में दो पूर्व सरपंचों सहित कुल चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं जिला परिषद सदस्य पूसी देवी को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है।
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि कार में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी के कारण आग लगी हो सकती है। हालांकि पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की जांच में जुट गई है। वाहन के अवशेषों की जांच कर आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आग लगने के तुरंत बाद कार के दरवाजे खुल जाते तो शायद यात्रियों की जान बचाई जा सकती थी। कई लोगों ने सड़क सुरक्षा और वाहनों की नियमित जांच को लेकर भी चिंता जताई है। इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि वाहन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी खतरनाक साबित हो सकती है।
घटना की खबर मिलते ही इलाके के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। वहीं मुख्यमंत्री सहित कई नेताओं ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
अजमेर का यह दर्दनाक हादसा पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाला साबित हुआ है। एक पल में हंसता-खेलता सफर मातम में बदल गया और कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को हमेशा के लिए खो दिया।