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सड़क पर शर्मनाक हरकतें करते पुलिस वालों का पर्दफ़ाश, अवैध वसूली करते पुलिसकर्मियों का वीडियो आया सामने 

 

शहर में कानून व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर जिम्मेदार माने जाने वाले पुलिसकर्मी ही अब नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। अजमेर के ब्यावर रोड स्थित बकरा मंडी के पास से गुजरने वाले वाहनों से अवैध वसूली करते हुए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का एक वीडियो वायरल हो गया है। इस वीडियो ने न केवल आमजन में आक्रोश पैदा किया है बल्कि पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

<a href=https://youtube.com/embed/rg6YcLyTpG4?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/rg6YcLyTpG4/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden"" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

इस वायरल वीडियो में अजमेर ट्रैफिक पुलिस के दो कांस्टेबल और एक चालक को सड़क पर खड़े होकर हर गुजरने वाले वाहन से रुपयों की वसूली करते हुए स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है। बिना किसी चालान या वैध दस्तावेज की मांग के सीधे रुपयों की मांग की जा रही थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक सुनियोजित अवैध वसूली का मामला है।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामले ने तूल पकड़ लिया। लोगों ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई और पुलिस प्रशासन को कठोर कार्रवाई की मांग की। अजमेर एसपी ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।

एसपी कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, "ऐसी घटनाएं पुलिस की छवि को धूमिल करती हैं और आम जनता का भरोसा कमजोर करती हैं। विभाग इस तरह की लापरवाह और भ्रष्ट आचरण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।”

बताया जा रहा है कि वसूली का यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था, लेकिन पहली बार किसी जागरूक नागरिक द्वारा इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला गया, जिसके बाद सच्चाई सामने आई। इस वीडियो में पुलिसकर्मियों को बगैर किसी जांच-पड़ताल के ट्रकों, पिकअप वैन और अन्य मालवाहक वाहनों को रोककर नगद रुपए लेते हुए देखा गया।

अब सवाल उठता है कि क्या यह केवल कुछ पुलिसकर्मियों की करतूत थी या इसमें और भी बड़े स्तर पर मिलीभगत थी? पुलिस विभाग ने इस एंगल से भी जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी चार्ट और थाने की रिपोर्टों की भी जांच की जा रही है।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जनता की निगरानी और जागरूकता ही भ्रष्टाचार पर सबसे बड़ा हथियार बन सकती है। ऐसे में यदि आप भी किसी अवैध गतिविधि या भ्रष्टाचार को देख रहे हैं, तो उसका रिकॉर्ड सुरक्षित तरीके से तैयार करें और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं।

अजमेर प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए ट्रैफिक ड्यूटी पर लगे कर्मचारियों की निगरानी और जवाबदेही और अधिक कड़ी की जाएगी।