अजमेर: कुत्ते के काटने से महिला की मौत, समय पर इलाज न मिलने से गई जान
राजस्थान के अजमेर जिले के सौंपिया गांव की रहने वाली 44 साल की मैना देवी की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं है, बल्कि हेल्थ सिस्टम की कमियों और समाज की बेरुखी की कड़वी सच्चाई को सामने लाती है। करीब एक महीने पहले मैना देवी को एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था। उनके परिवार वालों ने बताया कि मैना देवी दिमागी तौर पर बीमार थीं, इसलिए उन्हें समय पर और सही इलाज नहीं मिल पाया।
गांव वालों ने झाड़-फूंक और घरेलू नुस्खों पर भरोसा किया, लेकिन डॉक्टरी मदद नहीं ली गई। नतीजतन, उनके शरीर में रेबीज का वायरस फैलता रहा। बुधवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अजमेर के जवाहरलाल नेहरू हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां गुरुवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मैना देवी की ज़िंदगी, संघर्षों की एक अनकही कहानी
मैना देवी की ज़िंदगी हमेशा मुश्किलों से भरी रही। उनके परिवार वालों के मुताबिक, उनकी दो शादियां हुईं। पहली शादी घरेलू झगड़ों की वजह से टूट गई। फिर, 2019 में उन्होंने लक्ष्मण सिंह से कोर्ट मैरिज कर ली। लेकिन Covid-19 महामारी के दौरान लक्ष्मण सिंह की मौत हो गई, जिससे मैना देवी गांव में बिल्कुल अकेली रह गईं। उनके माता-पिता वैशाली नगर, अजमेर में रहते हैं।
उनके पति की मौत और मानसिक बीमारी ने उनकी ज़िंदगी को बहुत कम कर दिया। अकेलापन, परिवार की परेशानियां और लगातार संघर्ष ने उन्हें इतना कमज़ोर कर दिया कि कुत्ते के काटने जैसी गंभीर समस्या भी समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाईं। यह कहानी दिखाती है कि छोटी सी लापरवाही कितनी जानलेवा हो सकती है।
हेल्थ डिपार्टमेंट की चेतावनी और अपील
इस दुखद घटना ने एक बार फिर कुत्ते के काटने और रेबीज़ के खतरों की ओर ध्यान खींचा है। हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने कन्फर्म किया है कि मैना देवी को रेबीज़ का टीका नहीं लगा था। डिपार्टमेंट ने लोगों से अपील की है कि कुत्ते के काटने पर कभी भी लापरवाही न करें और तुरंत वैक्सीनेशन के लिए पास के हॉस्पिटल जाएं।