अजमेर के सावर में बैंक ऑफ बड़ौदा में बड़ी चोरी, 100 तोला सोना और 850 ग्राम चांदी गायब
अजमेर के सावर कस्बे में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। चोरों ने बैंक की छत काटकर लॉकर रूम में घुसपैठ की और दो लॉकर तोड़कर करीब 100 तोला सोना और 850 ग्राम चांदी चुरा ली। यह घटना इलाके में सनसनी फैलाने वाली है और बैंक ग्राहकों में डर और चिंता की स्थिति पैदा कर रही है।
बैंक अधिकारियों ने बताया कि चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस को तुरंत सूचित किया गया। शाखा में ताला और लॉकर तोड़ने के स्पष्ट निशान मिले हैं। घटना के समय शाखा बंद थी और कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे चोरों को आसानी हुई। बैंक प्रबंधन ने कहा कि वह मामले की गंभीरता को देखते हुए हर संभव मदद कर रहा है और ग्राहकों को विश्वास दिलाया कि उनके हितों की रक्षा की जाएगी।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और साक्ष्य जुटाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम ने निशान, उंगलियों के निशान और अन्य संभावित सुराग एकत्र किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की जांच कई एंगल से की जा रही है और जल्द ही चोरों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की चोरी योजनाबद्ध और पेशेवर तरीके से की गई लगती है। छत काटकर लॉकर रूम में घुसना और बड़े मूल्यवान धातुओं को चोरी करना स्पष्ट रूप से सोची-समझी रणनीति का परिणाम है। पुलिस फिलहाल CCTV फुटेज, आसपास के लोगों के बयान और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर चोरों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है।
स्थानीय नागरिक इस घटना से चिंतित हैं और बैंक के आसपास सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। बैंक प्रबंधन ने भी कहा कि आगामी दिनों में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा। इसके अलावा, पुलिस ने बैंक और आस-पास के क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और संदिग्धों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की हैं।
अजमेर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि चोरी के यह बड़े मामले केवल वित्तीय नुकसान नहीं हैं, बल्कि इससे ग्राहकों और आम जनता के मन में सुरक्षा के प्रति चिंता पैदा होती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अपराधियों को जल्द पकड़ने के लिए सभी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।
घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की चोरी से बचने के लिए बैंक शाखाओं में तकनीकी निगरानी और सतर्कता बढ़ाना आवश्यक है।
बैंक ऑफ बड़ौदा में हुई इस चोरी ने दिखा दिया कि अपराधी अब नई और पेशेवर तकनीकों का इस्तेमाल कर वित्तीय संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में पुलिस, बैंक प्रबंधन और फॉरेंसिक टीम की सतर्कता और तेजी से की गई कार्रवाई ही इस तरह के मामलों को रोक सकती है।