किशोरी से अश्लील हरकत का मामला: तांत्रिक ‘भैरव बाबा’ और उसकी सहयोगी दाई गिरफ्तार, धाराएं बढ़ाकर भेजे गए जेल
आगरा के जगदीशपुरा थाना क्षेत्र में किशोरी से अश्लील हरकत करने के गंभीर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्वयंभू तांत्रिक संतोषी उर्फ भैरव बाबा और उसकी सहयोगी कथित दाई पूरन देवी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों पर षडयंत्र, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी बढ़ा दी हैं। दोनों आरोपियों को रविवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी तांत्रिक लंबे समय से क्षेत्र में झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहा था। इसी आड़ में उसने किशोरी को अपने जाल में फंसाया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने धार्मिक आस्था और डर का सहारा लेकर पीड़िता के साथ आपत्तिजनक हरकतें कीं। इस पूरी साजिश में उसकी सहयोगी पूरन देवी की भी अहम भूमिका बताई जा रही है, जो कथित तौर पर दाई का काम करती थी और पीड़िता को बहला-फुसलाने में मदद कर रही थी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता के परिजनों ने जगदीशपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने पहले अश्लील हरकत और साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया, लेकिन बाद में पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं भी जोड़ दी गईं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला न केवल यौन अपराध से जुड़ा है, बल्कि समाज में फैले अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर होने वाले शोषण को भी उजागर करता है। आरोपी तांत्रिक खुद को सिद्ध बाबा बताकर लोगों का विश्वास जीतता था और इसी विश्वास का गलत फायदा उठाता था।
जगदीशपुरा थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस तरह की घटनाओं के अन्य पीड़ित तो नहीं हैं। पुलिस अन्य संभावित मामलों की भी पड़ताल कर रही है।
इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि बच्चों और किशोरियों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। खासकर तंत्र-मंत्र और धार्मिक आड़ में अपराध करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी को कठोर सजा का प्रावधान है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो आरोपियों को लंबी अवधि की जेल और कड़ा दंड भुगतना पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया है और प्रशासन से मांग की है कि ऐसे ढोंगी बाबाओं और अंधविश्वास फैलाने वालों पर लगातार नजर रखी जाए। यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि आस्था के नाम पर किसी को भी कानून से ऊपर नहीं समझा जा सकता।