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बिना गारंटी ₹2 करोड़ का लोन! गाँव में वेयरहाउस खोलकर शुरू करें बड़ा बिजनेस, सरकार दे रही ब्याज में छूट, ऐसे करे अप्लाई

 

अगर आप गाँव में वेयरहाउस, गोदाम या खेती से जुड़े स्टोरेज का कोई बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार की 'एग्रीकल्चरल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड' (AIF) स्कीम आपके लिए एक बड़ा मौका हो सकती है। इस स्कीम के तहत, सरकार खेती से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए ₹2 करोड़ तक के लोन पर ब्याज में छूट (इंटरेस्ट सबवेंशन) और क्रेडिट गारंटी जैसी सुविधाएं देती है। सरकार का मकसद ग्रामीण इलाकों में वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, ग्रेडिंग यूनिट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बनाना है। आइए, इस स्कीम के बारे में विस्तार से जानते हैं।

**एग्रीकल्चरल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड क्या है?**

केंद्र सरकार ने 2020 में 'एग्रीकल्चरल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड' (AIF) स्कीम शुरू की थी। इसका मकसद गाँवों में खेती से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना है, ताकि किसानों को फसल स्टोर करने, प्रोसेस करने और बाज़ार तक पहुँचने के लिए बेहतर सुविधाएँ मिल सकें। सरकार मानती है कि गाँव के लेवल पर स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स की सुविधाओं की कमी के कारण देश में बहुत सारी फसल बर्बाद हो जाती है। इसी वजह से वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज यूनिट, ग्रेडिंग यूनिट, सॉर्टिंग सेंटर और क्रॉप चैंबर जैसे प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्कीम की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, योग्य प्रोजेक्ट्स में वेयरहाउस, ग्रामीण गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस, साइलो, ग्रेडिंग यूनिट और फसल कटाई के बाद का इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।

**स्कीम की मुख्य विशेषताएँ**

**विशेषताएँ** | **विवरण**

अधिकतम ब्याज सब्सिडी | ₹2 करोड़ तक के लोन पर ब्याज सब्सिडी | 3% सालाना

राहत की अवधि | 7 साल तक

क्रेडिट गारंटी | ₹2 करोड़ तक

गारंटी फीस | सरकार द्वारा भुगतान

स्कीम की अवधि | 2020-21 से 2032-33

**ब्याज में छूट कैसे मिलती है?**

अगर कोई व्यक्ति या संस्था AIF स्कीम के तहत वेयरहाउस बनाने के लिए लोन लेती है, तो सरकार उस लोन पर सालाना 3% की ब्याज सब्सिडी देती है। उदाहरण के लिए, अगर कोई बैंक 9% ब्याज पर लोन देता है, तो सरकारी सब्सिडी के बाद प्रभावी ब्याज दर लगभग 6% तक आ सकती है। यह छूट ₹2 करोड़ तक के लोन पर लागू होती है और अधिकतम 7 साल के लिए मान्य है। बिना भारी गिरवी (कोलेटरल) के लोन की सुविधा
इस स्कीम के तहत ₹2 करोड़ तक के लोन के लिए क्रेडिट गारंटी की सुविधा मिलती है। यह सुविधा CGTMSE और NABSanrakshan द्वारा दी जाती है, और इसकी फीस सरकार उठाती है। इससे छोटे उद्यमियों और किसानों के लिए बैंक लोन लेना आसान हो जाता है।

कौन आवेदन कर सकता है?
अलग-अलग व्यक्ति और संस्थाएं इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

योग्य व्यक्ति और संस्थाएं
व्यक्तिगत किसान
किसान उत्पादक संगठन (FPOs)
सहकारी समितियां
एग्री-स्टार्टअप्स
स्वयं सहायता समूह (SHGs)
कृषि-उद्योगपति
पंचायतें और सरकारी एजेंसियां

आवेदन कैसे और कहाँ करें?
वेयरहाउस का बिज़नेस शुरू करने के लिए, सबसे पहले एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करनी होती है। उसके बाद, AIF पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया जाता है और बैंक के ज़रिए आवेदन जमा किया जाता है।

आवेदन की प्रक्रिया
AIF की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: https://agriinfra.dac.gov.in/
“Register as a Beneficiary” (लाभार्थी के रूप में रजिस्टर करें) विकल्प चुनें
प्रोजेक्ट रिपोर्ट और ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करें
बैंक या वित्तीय संस्थान चुनें
प्रोजेक्ट का मूल्यांकन करने के बाद बैंक लोन को मंज़ूरी देता है
कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
ज़मीन के दस्तावेज़
आधार और पैन कार्ड
बैंक खाते की जानकारी
प्रोजेक्ट रिपोर्ट
अनुमानित लागत और बिज़नेस प्लान
पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो

गाँवों में वेयरहाउस की ज़रूरत क्यों बढ़ रही है?
हर साल, स्टोरेज सुविधाओं की कमी के कारण देश में बड़ी मात्रा में अनाज, फल और सब्ज़ियां बर्बाद हो जाते हैं। किसानों को अक्सर फसल कटाई के तुरंत बाद अपनी उपज कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है। अगर गाँवों में वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज की सुविधाएँ बनाई जाएँ, तो किसान अपनी उपज को सुरक्षित रूप से स्टोर कर सकते हैं और बाद में बेहतर कीमत पर बेच सकते हैं। इससे किसानों की आय बढ़ सकती है और ग्रामीण इलाकों में रोज़गार के अवसर पैदा हो सकते हैं।