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सोना फिर बनाएगा रिकॉर्ड? जे.पी. मॉर्गन का दावा—साल के अंत तक $6,000 तक पहुंच सकती है कीमत, निवेशकों में बढ़ी हलचल

 

सोने की कीमतों को लेकर एक बार फिर बड़ी भविष्यवाणी सामने आई है, जिसने निवेश बाजार में हलचल मचा दी है। वैश्विक वित्तीय संस्थान जे.पी. मॉर्गन (J.P. Morgan) ने अनुमान जताया है कि साल के अंत तक सोने की कीमत में करीब 40% तक की तेज़ी देखने को मिल सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना बढ़कर 6,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है।

इस अनुमान के सामने आने के बाद दुनियाभर के निवेशकों की नजरें एक बार फिर सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माने जाने वाले सोने पर टिक गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई, ब्याज दरों में संभावित बदलाव और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारण सोने की मांग को लगातार बढ़ा रहे हैं।जे.पी. मॉर्गन की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहती हैं, तो निवेशक शेयर बाजार और अन्य जोखिम भरे एसेट्स की बजाय सोने की ओर रुख कर सकते हैं। इससे सोने की कीमतों में तेज़ उछाल देखने को मिल सकता है।

विश्लेषकों का यह भी मानना है कि केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीदारी, डॉलर की अस्थिरता और वैश्विक मंदी की आशंका भी सोने को मजबूती दे रही है। यही वजह है कि कई अंतरराष्ट्रीय संस्थान आने वाले महीनों में सोने को मजबूत निवेश विकल्प मान रहे हैं।हालांकि कुछ विशेषज्ञ इस अनुमान को काफी आक्रामक (Aggressive) भी बता रहे हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी बढ़त तभी संभव है जब वैश्विक संकट और आर्थिक दबाव और अधिक बढ़ें। सामान्य परिस्थितियों में इतनी तेज़ी की संभावना कम मानी जा रही है।

भारतीय बाजार की बात करें तो अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में उछाल आता है, तो इसका सीधा असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिलेगा। भारत में त्योहारों और शादी के सीजन में सोने की मांग पहले से ही मजबूत रहती है, ऐसे में कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।फिलहाल निवेशकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या वास्तव में सोना आने वाले समय में नया रिकॉर्ड बनाएगा या यह सिर्फ एक अनुमान है। लेकिन इतना तय है कि वैश्विक आर्थिक संकेतक आने वाले महीनों में सोने की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।