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शेयर बाजार की दुनिया का बादशाह कौन? जानिए टॉप देशों की रैंकिंग में कहाँ खड़ा है भारत 

 

अमेरिका, चीन और जापान जैसे देशों के बीच शेयर बाज़ार की मज़बूती को लेकर ज़बरदस्त मुकाबला है। इस माहौल में, भारत तेज़ी से उभरा है और वैश्विक रैंकिंग में एक बड़ी छलांग लगाई है। मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के आधार पर, भारत अब दुनिया के सबसे बड़े शेयर बाज़ारों में शामिल हो गया है और लगातार अपनी स्थिति मज़बूत कर रहा है।

अमेरिका के पास दुनिया का सबसे शक्तिशाली शेयर बाज़ार है। न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) और NASDAQ जैसे बड़े प्लेटफ़ॉर्म इसकी मुख्य ताकत हैं। इन एक्सचेंजों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन दुनिया में सबसे ज़्यादा है। बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियाँ, एक मज़बूत निवेश ढाँचा, और वैश्विक निवेशकों का भरोसा मिलकर अमेरिका की स्थिति को नंबर एक बाज़ार के तौर पर बनाए रखते हैं।

चीन का शेयर बाज़ार वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर है। घरेलू कंपनियों का एक विशाल नेटवर्क और सरकार का मज़बूत समर्थन इसकी मुख्य ताकतें हैं।

वहीं, जापान तीसरे स्थान पर है। जापान के बाज़ार को लंबे समय से स्थिर और परिपक्व माना जाता रहा है—इस दर्जे को हासिल करने में उसके बड़े औद्योगिक समूहों का अहम योगदान रहा है।

भारत का शेयर बाज़ार अब वैश्विक स्तर पर चौथे स्थान पर पहुँच गया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) इसके मुख्य स्तंभ हैं।

भारत का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन अब $4.3 ट्रिलियन से ज़्यादा हो गया है। इस उपलब्धि के साथ, भारत ने हांगकांग को पीछे छोड़ दिया है। भारतीय शेयर बाज़ार में इस तेज़ी से उछाल का मुख्य कारण खुदरा निवेशकों (रिटेल इन्वेस्टर्स) की बढ़ती भागीदारी है। बड़ी संख्या में नए निवेशक बाज़ार में आ रहे हैं, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम और निवेश गतिविधियों, दोनों में बढ़ोतरी हो रही है।

इसके अलावा, भारतीय कंपनियों की मज़बूत कमाई और ज़ोरदार आर्थिक विकास ने भी बाज़ार को काफ़ी सहारा दिया है। डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और निवेश के आसान विकल्पों ने भी लोगों को शेयर बाज़ार की ओर आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाई है।

भारत में विदेशी निवेशकों का भरोसा भी लगातार बढ़ रहा है। एक स्थिर सरकार, बढ़ती अर्थव्यवस्था और चल रहे सुधारों ने भारत को निवेश के लिए एक आकर्षक जगह बना दिया है। कई वैश्विक फंड भारतीय कंपनियों में सक्रिय रूप से निवेश कर रहे हैं, जिससे बाज़ार के कुल आकार का विस्तार तेज़ी से हो रहा है।