☰
×

बाजार के उतार-चढ़ाव में ₹5-10 लाख कहां लगाएं? एक्सपर्ट्स से समझें Lumpsum निवेश की सही स्ट्रेटेजी

 

शेयर बाजार में कभी तेज गिरावट तो कभी जोरदार रिकवरी देखने को मिल रही है। ऐसे में अगर आपके पास ₹5 लाख या ₹10 लाख रुपये की एकमुश्त रकम है, तो सबसे बड़ा सवाल है कि पैसा अभी निवेश करें या बाजार में और गिरावट का इंतजार करें।13 अक्टूबर को सेंसेक्स में 1,109 अंकों की तेजी आई थी। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे समय में एक्सपर्ट्स का मानना है कि पूरी रकम एक साथ निवेश करने के बजाय सही रणनीति अपनाना और अलग-अलग फंड्स में निवेश बांटना बेहतर हो सकता है।

लार्ज-कैप, मिड-कैप या स्मॉल-कैप में कहां निवेश करें?

लार्ज-कैप फंड्स: इन फंड्स में बड़ी और स्थापित कंपनियों में निवेश किया जाता है। बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच ये कुछ निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

मिड-कैप फंड्स: इनमें मध्यम आकार की कंपनियां शामिल होती हैं। इनमें ग्रोथ की संभावना के साथ जोखिम भी ज्यादा हो सकता है।

स्मॉल-कैप फंड्स: इन फंड्स में छोटी कंपनियों में निवेश किया जाता है। लंबे समय में ग्रोथ की संभावना रहती है, लेकिन इनमें गिरावट का जोखिम भी अधिक होता है।

फ्लैक्सी-कैप और मल्टी-एसेट फंड्स भी विकल्प

जो निवेशक अपना पूरा पैसा एक ही कैटेगरी में नहीं लगाना चाहते, वे फ्लैक्सी-कैप, मल्टी-कैप और मल्टी-एसेट फंड्स पर विचार कर सकते हैं।फ्लैक्सी-कैप फंड्स को बाजार की परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग आकार की कंपनियों में निवेश करने की सुविधा होती है। मल्टी-कैप फंड्स में लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों में निवेश किया जाता है।वहीं, मल्टी-एसेट फंड्स इक्विटी, डेट और सोने जैसी अलग-अलग एसेट कैटेगरी में निवेश करते हैं। इससे निवेश में विविधता आ सकती है, हालांकि इनमें भी जोखिम बना रहता है।

₹5 लाख या ₹10 लाख कैसे निवेश करें?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान पूरी रकम एक ही दिन निवेश करने के बजाय चरणों में निवेश करने पर विचार किया जा सकता है।उदाहरण के लिए, अगर आपके पास ₹10 लाख हैं, तो 40 प्रतिशत यानी ₹4 लाख शुरुआत में और बाकी ₹6 लाख अगले 3 से 6 महीनों में धीरे-धीरे निवेश किए जा सकते हैं।दूसरा विकल्प STP है। इसमें रकम को पहले लिक्विड या उपयुक्त डेट फंड में रखा जाता है और फिर तय समय पर धीरे-धीरे इक्विटी फंड में ट्रांसफर किया जाता है। इसके नियम, लागत और बाजार जोखिम समझना जरूरी है।

किन फंड्स में सावधानी बरतें?

सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स किसी खास सेक्टर या विषय पर केंद्रित होते हैं। अगर उस सेक्टर में गिरावट आती है, तो निवेश पर बड़ा असर पड़ सकता है। इसलिए इनमें निवेश करने से पहले अच्छी तरह जानकारी लेना जरूरी है।स्मॉल-कैप फंड्स में भी उतना ही पैसा लगाना चाहिए, जितना जोखिम आप सहन कर सकते हैं। निवेश से पहले अपने लक्ष्य, समय अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता को जरूर समझें।