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US Tariffs Cut: अमेरिका ने कृषि और औद्योगिक उपकरणों पर घटाया टैरिफ, किसानों और उद्योगों को मिलेगी राहत

 

US Tariffs Cut News: अमेरिका ने कृषि और औद्योगिक क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए कई महत्वपूर्ण उपकरणों पर आयात शुल्क (टैरिफ) में कटौती का ऐलान किया है। व्हाइट हाउस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, कंबाइन हार्वेस्टर समेत कई खेती से जुड़े उपकरणों पर लगने वाले 25 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है।

इस फैसले को कृषि और निर्माण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे उपकरणों की लागत कम होने की उम्मीद है।

कंबाइन हार्वेस्टर पर 10% कम हुआ टैरिफ

व्हाइट हाउस के मुताबिक, किसानों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कंबाइन हार्वेस्टर और अन्य कृषि मशीनरी पर पहले 25 फीसदी आयात शुल्क लगाया जाता था। अब इसे घटाकर 15 फीसदी कर दिया गया है। इससे कृषि क्षेत्र में आधुनिक मशीनों की उपलब्धता बढ़ने और लागत घटने की संभावना जताई जा रही है।

बुलडोजर और फोर्कलिफ्ट को भी मिली राहत

टैरिफ कटौती का लाभ केवल कृषि उपकरणों तक सीमित नहीं है। मोबाइल औद्योगिक उपकरणों जैसे बुलडोजर, फोर्कलिफ्ट और अन्य निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली मशीनों को भी 15 प्रतिशत टैक्स स्लैब में शामिल किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और निर्माण क्षेत्र की कंपनियों को राहत मिलेगी और परियोजनाओं की लागत कम हो सकती है।

अर्थव्यवस्था को गति देने की कोशिश

विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन का यह कदम कृषि और औद्योगिक उत्पादन को बढ़ावा देने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उपकरणों पर कम शुल्क लगने से व्यवसायों की लागत घटेगी, जिससे निवेश और उत्पादन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सकता है।

किसानों और उद्योग जगत ने किया स्वागत

कृषि और औद्योगिक संगठनों ने टैरिफ में कटौती के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि महंगे उपकरणों पर कम टैक्स लगने से नई मशीनों की खरीद आसान होगी और उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

वैश्विक व्यापार पर भी पड़ सकता है असर

अमेरिका के इस फैसले का असर वैश्विक व्यापार पर भी देखने को मिल सकता है। टैरिफ में कमी से विभिन्न देशों से आयात होने वाले कृषि और औद्योगिक उपकरणों की मांग बढ़ सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी बढ़ावा मिल सकता है।

फिलहाल व्हाइट हाउस के इस कदम को कृषि, निर्माण और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में उत्पादन और निवेश गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।